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सिसोदिया की अगुवाई में आज रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे मंत्री
आप सरकार के दो साल : रिपोर्ट कार्ड को एमसीडी चुनाव में आप की उपलब्धि के तौर पर किया जाएगा पेश
गोपाल राय और कपिल मिश्रा ने गिनवा चुके हैं उपलब्धियां
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आप सरकार को दिल्ली की सत्ता संभाले दो साल बीत गए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल स्वास्थ्य लाभ के लिए बंगलूरू में हैं इसलिए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अगुवाई में आज सभी मंत्री दिल्ली सचिवालय ऑडिटोरियम में मीडिया के सामने रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे। आप सरकार के दो साल का यही रिपोर्ट कार्ड पार्टी के लिए एमसीडी चुनाव में उपलब्धि गिनवाने के काम आएगा।
मुख्यमंत्री के पास कोई विभाग नहीं है तो उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया इस समय हटाए गए मंत्री संदीप कुमार की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। ऐसे में सबसे अधिक समय रिपोर्ट कार्ड में सिसोदिया ही लेंगे।
दूसरा नंबर सत्येंद्र जैन का है जिनके पास स्वास्थ्य, ऊर्जा, परिवहन, पीडब्ल्यूडी के अलावा गृह विभाग भी है। जैन मोहल्ला क्लीनिक और बिजली में दो साल तक बिजली का बिल बढ़ने से रोकने की उपलब्धि गिनवाएंगे तो बेटी सौम्या जैन और डॉ. निकुंज अग्रवाल की नियुक्ति और डीटीसी बसों की खरीद में नाकामी को लेकर सवाल पूछे जा सकते हैं।
श्रम एवं सामान्य प्रशासन मंत्री गोपाल राय अपना रिपोर्ट कार्ड पेश कर चुके हैं तो पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा के पास तमाम बड़े आयोजनों की उपलब्धि है। वे जल बोर्ड का रिपोर्ट कार्ड दे चुके हैं । सबसे कम अगर कुछ बताने को है तो खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन के पास है।
हुसैन को मंत्री आसिम अहमद खान को हटाने के बाद पद मिला है। फिर खाद्य एवं आपूर्ति में कुछ खास बताने को नहीं है और एनजीटी के सवाल से पर्यावरण विभाग घिरा हुआ है।
आप सरकार की चुनौतियां
.सरकारी अस्पतालों में पर्ची पर लिखी गई हर दवाई मुफ्त और जरूर मिलेगी। इसका वादा धूमधाम से किया लेकिन हालात में सुधार नहीं है।
.गरीबों के दम पर सत्ता में आने का दावा करने वाली सरकार खाद्य सुरक्षा कार्ड नए बनाने या पुराने में नाम जोड़ने का काम नहीं कर पा रही है।
.मेगा बजट के योजना मद में 10 महीने के दौरान सिर्फ 46 फीसदी राशि खर्च कर पाए। राजस्व वसूली का लक्ष्य भी तीसरी बार घटाना पड़ा जिसे लेकर सीएजी में सवालों का जवाब देना पड़ेगा।
.सिग्नेचर ब्रिज की शुरुआत शीला दीक्षित ने 2008 में कराई थी लेकिन आठ साल में भी ये पूरा नहीं हुआ। नई सरकार को भी दो साल बीत गए।
.मेट्रो फेज-चार में केंद्रीय करों में हिस्सेदारी समेत अन्य मसलों का निपटारा व डीटीसी में नई बसों खरीद कर सार्वजनिक परिवहन को विश्वसनीय बनाना भी चुनौती है।
मुद्दे जिनकी जोरशोर से हुई घोषणा, लेकिन नहीं हुए पूरे
.न्यूनतम मजदूरी वृद्धि के मामले में भी श्रम मंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस करके एलान किया लेकिन उपराज्यपाल ने कमेटी को ही अवैध घोषित कर दिया।
.पूर्वी दिल्ली से वाईफाई शुरू करने का एलान भी प्रेस कांफ्रेंस करके किया गया। इसके लिए अभी कैबिनेट तक नहीं बैठी और न ही मामला आरएफक्यू बनाने के लिए सलाहकार नियुक्ति हुई।
.डीटीसी बसों की खरीद के लिए परिवहन मंत्री रहते गोपाल राय ने कई बार प्रेस कांफ्रेंस करके बस खरीदने का एलान किया लेकिन अब सरकार ने डीटीसी में बस खरीदने से हाथ खींच लिया है।
.प्रीमियम बस सर्विस शुरू करने, सिटी टैक्सी सर्विस शुरू करने का एलान भी जोरशोर से किया गया लेकिन दो साल में ये जमीन पर नहीं उतारे जा सके।
शीला सरकार ने दिल्ली का बेड़ा गर्क किया : सिसोदिया
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दो साल की उपलब्धि गिनवाने के लिए शीला दीक्षित की अगुवाई वाली 15 साल की सरकार की बुराइयां सामने रखी। सिसोदिया ने कहा जब दिल्ली में आप सरकार आई उस समय तक कांग्रेस ने दिल्ली का बेड़ा गर्क कर रखा था।
हर विभाग में भ्रष्टाचार था। अधिकारी की ट्रांसफर पोस्टिंग में मोटा पैसा चलता था तो सरकारी स्कूल खराब करके प्राइवेट स्कूलों में मोटी फीस को बढ़ावा दे रहे थे। सिसोदिया ने कहा कि अस्पतालों में दवाई और टेस्ट तो दूर डॉक्टर भी नहीं मिलते थे।
टेस्ट के लिए प्राइवेट संस्थान रेफर करते थे। पानी की पाइपलाइन बिछाने का काम रोकते थे ताकि कांग्रेस-भाजपा नेताओं की टैंकर सप्लाई का काम ठीक चले। बिजली कंपनी से साठगांठ करके बिजली महंगी करते थे तो सड़क-फ्लाईओवर-स्ट्रीट लाइट के ठेके तीन गुना महंगे दिए जाते थे। खुले में शराब पी जाती थी, विभाग शराब माफिया से वसूली करता था।
उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड बनाने तक का काम दलाल के दफ्तर में होता था। पंद्रह साल के कांग्रेस शासन का अंत हुआ लेकिन व्यवस्था का बंटाधार था। पिछले दो साल मेहनत करके व्यवस्था को पटरी पर लाए हैं।