इस बार केजरीवाल नहीं उड़ाएंगे पड़ोसियों की नींद
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दिल्ली में घर न मिलने के कारण आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपने गाजियाबाद के कौशांबी स्थित गिरनार अपार्टमेंट वापसी कर ली। लेकिन यहां आने से पहले भी उन्हें कुछ शर्तें माननी पड़ीं।
शर्त ये थी कि वह घर पर कोई राजनैतिक गतिविधि नहीं करेंगे। दरअसल, जब केजरीवाल ने राजनैतिक पार्टी बनाई, तब उनके घर आने-जाने वालों की संख्या इतनी बढ़ गई कि पड़ोसियों की नाक में दम हो गया था।
इसीलिए जब इस बार वह फिर से अपार्टमेंट में आने लगे तो पड़ोसियों ने पहले ही उनके सामने शर्तें रख दीं। जिन्हें केजरीवाल ने मान भी ली। अब वह पड़ोसियों की नींद नहीं उड़ाएंगे।
बिना पूर्व सूचना के कोई मुलाकात नहीं
गिरनार अपार्टमेंट आरडब्लूए के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। उसमें ज्यादातर अफसर रैंक के लोग रहते हैं और समस्याओं का निदान भी खुद ही करते हैं। ऐसे में उन लोगों ने तय किया कि अपार्टमेंट के अंदर बिना पूर्व सूचना के कोई राजनीति से प्रेरित मुलाकत नहीं होगी।
यही नहीं, अगर कोई बिना बताए केजरीवाल से मिलने की कोशिश करता है, तो उसे गेट पर ही रोक लिया जाएगा। गिरनार अपार्टमेंट के गेटमैन बताते हैं कि उन्हें बाकयदे इस बात के निर्देश दिए गए हैं कि केजरीवाल से मिलने आने वालों की पूरी तहकीकात कर के ही अंदर आने दें।
इसके अलावा उन्हें अपार्टमेंट के भीतर किसी तरह के बैनर-पोस्टर लगाने की भी अनुमति नहीं है। ऐसी स्थिति में पार्टी के सारे काम कौशांबी ऑफिस या फिर दिल्ली में आफिस में निबटाए जाएंगे।