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दिल्ली विधानसभा चुनावः एमसीडी के कामकाज पर केजरीवाल ने भाजपा को घेरा
Fri, 10 Jan 2020 05:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 10 Jan 2020 05:45 AM IST
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अरविंद केजरीवाल
- फोटो : अमर उजाला
आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एमसीडी व डीडीए के कामकाज के सहारे भाजपा को घेरने की कोशिश की है। भाजपा शासित एमसीडी के शासन के मॉडल को कूड़ा, भ्रष्टाचार और बदहाली का नमूना बताते हुए केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के शासन मॉडल को बेदाग व विकास की राह पर चलने वाला बताया है। केजरीवाल ने दिल्लीवालों से अपील की है कि वह भाजपा और आप के मॉडल को देखकर ही अपना वोट करें।
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पार्टी दफ्तर में मीडिया से बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एमसीडी ने दिल्ली को कूड़ाघर बना रखा है। हर तरफ ढलाव नजर आते हैं। दिल्ली की पहचान अब कूड़े की राजधानी के रूप में होने लगी है। यहां तक कि प्रधानमंत्री के महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन को भी लागू करने में भाजपा नाकाम रही है।
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गाजीपुर का कूड़ाघर ताजमहल से ऊंचा होने वाला है। दिल्ली का सिर्फ 40 फीसदी कूड़ा ही निस्तारित हो पाता है। बाकी लैंडफिल साइड पर जाता है। निगम के 80 से 90 फीसदी सार्वजनिक शौचालयों में पानी व बिजली की सुविधा नहीं है, जबकि दिल्ली सरकार के 20 हजार सार्वजनिक शौचालय हर सुविधा से लैस हैं।
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एमसीडी का मतलब सबसे भ्रष्ट विभाग बताते हुए केजरीवाल का आरोप है कि वरिष्ठ भाजपा नेता विजय गोयल ने भी हाल ही में एमसीडी को चोर कहा था। केजरीवाल ने सवाल किया कि तीन बार से एमसीडी पर शासन करने वाली भाजपा के नेता ऐसा क्यों कर रहे हैं? भ्रष्टाचार पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है।
उत्तरी एमसीडी में 230 इंजीनियरों में से सिर्फ 17 के खिलाफ चार्जशीट नहीं है, जबकि दक्षिणी एमसीडी के आंतरिक लेखा परीक्षण में संपत्ति कर का 1177 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं, उत्तरी एमसीडी में 3299 करोड़ रुपये का घोटाला निकला है।
अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार से फंड मिलने के बाद भी एमसीडी कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पाने की भी बात कही। वहीं, दिल्ली सरकार व एमसीडी के शिक्षा मॉडल की भी तुलना की।
स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में केजरीवाल ने कहा कि एमसीडी का स्वास्थ्य बजट घट गया है, जबकि दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य बजट पांच साल में 3500 करोड़ से बढ़कर 7500 करोड़ रुपये हो गया है। केजरीवाल ने कहा कि भाजपा एमसीडी चुनाव में किए गए वायदे को पूरा नहीं कर सकी है, जबकि दिल्ली सरकार ने वायदों से ज्यादा करके दिखाया है।
पुलिस अच्छी है, लेकिन ऊपर के आदेश पर मजबूर है
अमूमन, दिल्ली पुलिस के प्रति आलोचनात्मक रवैया रखने वाले मुख्यमंत्री ने माना कि दिल्ली पुलिस अच्छी है, लेकिन ऊपर से आदेश आने पर वह मजबूर हो जाती है। दिल्ली में जो कुछ भी चल रहा है, उसमें दिल्ली पुलिस का दोष नहीं है। यदि दिल्ली पुलिस को कहा जाएगा कि उधर मारपीट हो रही है वहां नहीं जाना है तो वह नहीं जाएगी। थाने में जाने वाले करीब 90 प्रतिशत लोगों की रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाती है।
यदि पुलिस को ऊपर से आदेश आते हैं कि हिंसा रोको तो पुलिस जान की बाजी लगा कर रोकती है। यदि उनको आदेश आता है कि हिंसा होने दो और उसके बाद हिंसा करने वालों को निकल जाने दो तो पुलिस वही करती है।
केजरीवाल ने कहा कि बीते पांच सालों में स्कूलों को उनमें तैनात शिक्षकों से ही ठीक किया गया। अस्पताल भी पुराने डॉक्टरों के साथ ही बेहतर किए गए। आप सरकार ने शिक्षकों व चिकित्सकों को नहीं बदला। पहले राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी।
अपने गिरेबान में झांके केजरीवाल : गोयल
वरिष्ठ भाजपा नेता विजय गोयल का कहना है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री होने के नाते वह भी उतना ही जिम्मेदार हैं जितना हमें बता रहे हैं। क्या वह बताएंगे कि उन्होंने कब-कब एमसीडी के साथ या कमिश्नर के साथ बैठक की और मिलकर काम करने की योजनाएं बनाई? दूसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने से पहले केजरीवाल अपने गिरेबान में झांकें। उनके 7 में से 3 मंत्रियों को आरोप के बाद हटाना पड़ा और 32 विधायकों पर भ्रष्टाचार से लेकर महिला उत्पीड़न के आरोप हैं। एमसीडी के 109 स्कूलों को बंद करने की वे बात कर रहे हैं वे बंद नहीं हैं, दूसरे स्कूलों में शिफ्ट हुए हैं।