फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Kejriwal appeal high court to keep common man faith

केजरीवाल की अपील, आम आदमी का विश्वास कायम रखे कोर्ट

Sun, 01 Nov 2015 12:19 PM IST
Updated Sun, 01 Nov 2015 12:19 PM IST
विज्ञापन
Kejriwal appeal high court to keep common man faith

दिल्ली हाईकोर्ट के स्वर्ण जयंती समारोह में शनिवार को मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि निचली अदालतों में न्याय मिलने में काफी समय लगता है। देरी से मिला न्याय, न्याय नहीं होता। देश की न्यायिक प्रक्रिया को त्वरित बनाया जाना चाहिए।

विज्ञापन


अभी तक इस काम में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी आड़े आती थी। हमारी सरकार इस कार्य के लिए हर तरह की मदद करने के लिये तैयार है। अगर इस एक साल में हम इसकी शुरुआत कर सके तो यह बड़ी बात होगी।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि राजधानी से एक प्रयोग की शुरुआत करें कि हर मुकदमे की सुनवाई छह माह के भीतर पूरी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता सबसे ज्यादा जरूरी है और उससे किसी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


हमारी सरकार कभी इसमें दखलंदाजी नहीं करेगी। न्यायपालिका में आम आदमी के विश्वास के बारे में उन्होंने कहा इस समय जो देश के हालात हैं जिसमें आम आदमी को विधायिका व कार्यपालिका से शिकायत होती है तो वह न्यायपालिका की ओर देखता है।

अपने काम को मिशन की तरह करें जज

Kejriwal appeal high court to keep common man faith

आम आदमी को न्यायपालिका पर बहुत भरोसा होता है और ऐसे संकट के समय में न्यायपालिका उसके इस विश्वास को बचा कर रख सकती है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू ने अपने संबोधन में कहा कि दूसरे देशों की तरह हमारा देश भी विकास की शुरुआत में है।

इसके बाद भी न्यायपालिका ने उच्च मानकों को बनाए रखा है और यह मानक आगे भी बनाए रखे जाने चाहिए। न्यायपालिका में अनुशासन व स्व नियंत्रण होना चाहिये। जज अपने काम को एक मिशन की तरह करें। लोगों का विश्वास न्यायपालिका में है और यह विश्वास कायम रहना चाहिए।
 
कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग, दिल्ली हाईकोर्ट की मुख्य न्यायमूर्ति जी. रोहिणी, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के न्यायिक अधिकारी, वरिष्ठ वकीलों, पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

'जजों की नियुक्ति में कोई दखल नहीं दे सकता'

Kejriwal appeal high court to keep common man faith

49 साल पहले आज ही के दिन 1966 में दिल्ली हाईकोर्ट की शुरुआत मौलाना आजाद रोड से हुई थी। उसके बाद हाईकोर्ट को ट्रावनकोर हाउस व उसके बाद पटियाला हाउस में शिफ्ट कर दिया गया।

पटियाला हाउस से हाईकोर्ट को शेरशाह रोड पर स्थित मौजूदा भवन में 25 सितंबर 1976 को शिफ्ट किया गया था। शुरू में केवल तीन जज काम करते थे।

दिल्ली हाईकोर्ट के स्वर्ण जयंती समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने समारोह की थीम ‘सब के लिये न्याय’ पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि न्यायपालिका हमारे लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ और संविधान की व्याख्या करने वाली है।

हमारे देश में अनेक लोग सामाजिक आर्थिक ढांचे के सबसे निचले स्तर पर हैं और उन्हें सस्ता न्याय मिलना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति में कोई दखल नहीं दे सकता लेकिन इसमें ईमानदारी के उच्च मानकों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

पारदर्शी तरीके से हो जजों की नियुक्ति

Kejriwal appeal high court to keep common man faith

अदालतों में नियुक्ति चाहे जैसे भी हो लेकिन तय व पारदर्शी तरीके से कुशल जजों की नियुक्ति होनी चाहिए। राष्ट्रपति की इस टिप्पणी को राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) मामले से जोड़ कर देखा जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिन पहले एनजेएसी संबंधी याचिका खारिज करते हुए जजों की नियुक्ति के लिये कॉलेजियम प्रणाली का पक्ष लिया था।

लोकतंत्र के तीनों स्तंभों के कार्य व शक्तियों के संबंध में उन्होंने कहा कि न्यायिक सक्रियता से इन अंगों की शक्तियों में टकराव नहीं होना चाहिए।

दूसरी ओर न्यायपालिका की स्वायत्तता से भी समझौता नहीं होना चाहिए, लेकिन लंबित मुकदमों की बड़ी संख्या भी एक चुनौती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed