केजरीवाल ने घर-घर राशन योजना की फाइल फिर उपराज्यपाल को भेजी, पूछा- सब जानते थे आप, फिर भी क्यों रोकी स्कीम
केजरीवाल ने कहा, पिछले तीन साल में चार बार एलजी को घर-घर राशन योजना पर कैबिनेट के हर निर्णय की जानकारी समय पर दी गई, लेकिन एलजी ने कभी इसका विरोध नहीं किया। ऐसे में योजना को शुरू करने के बिलकुल दो दिन पहले ही क्यों रोका गया?
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दिल्ली सरकार की घर-घर राशन योजना पर एक बार फिर से विवाद बढ़ सकता है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 17 जून को योजना की फाइल एक बार फिर से दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के पास सहमति पाने के लिए भेजी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि जब इस योजना को शुरू करने के पहले दिन से आपको हर एक कदम की जानकारी दी जा रही थी, और केंद्र की हर बात का पालन किया जा रहा था तो इसे बिलकुल अंत में जाकर क्यों रोका गया जबकि दो दिन बाद ही योजना की शुरुआत होनी थी। मुख्यमंत्री ने अपनी योजना को कानून के अंतर्गत और तर्कसंगत बताते हुए उम्मीद जाहिर की है कि यह योजना इस बार नहीं रोकी जायेगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल अनिल बैजल से कहा है कि यह योजना केंद्र सरकार के हर क़ानूनी निर्देश का पूरी तरह पालन करती है। इस योजना पर केंद्र सरकार की जो भी आपत्तियां थीं, उन्हें दूर कर दिया गया है। इसलिए अब वे उम्मीद करते हैं कि केंद्र सरकार जनहित में शुरू की गई उनकी यह योजना नहीं रोकेगी।
केजरीवाल ने कहा है कि कोरोना के आपातकाल में जब लोगों के पास रोजगार का गंभीर संकट है और उनके पास आय का कोई साधन नहीं है, उन्हें गरीबों के घर तक राशन पहुंचाने में कोई अड़चन नहीं डालनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि पिछले तीन साल में चार बार एलजी को घर-घर राशन योजना पर कैबिनेट के हर निर्णय की जानकारी समय पर दी गई, लेकिन एलजी ने कभी इसका विरोध नहीं किया। ऐसे में यह समझ नहीं आता है कि इस योजना को शुरू करने के बिलकुल दो दिन पहले ही क्यों रोका गया?
'दिखावा नहीं, काम करें मुख्यमंत्री'
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता सारिका जैन ने इस योजना की फाइल दोबारा भेजने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल केवल प्रोपेगेंडा की राजनीति करते हैं। एक बार फिर वे यही करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत पूरे देश में राशन बांटा जा रहा है, ऐसे में केजरीवाल को इस योजना को अलग रुख देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री अपनी तरफ से अनाज खरीदकर कोई योजना शुरू करना चाहते हैं तो केंद्र या भाजपा को इससे कोई आपत्ति नहीं है।
अगर वे जनता की सच में भलाई चाहते हैं तो उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान योजना जैसी उन योजनाओं को भी शुरू करना चाहिए जिससे जनता का भला हो सके। मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि उन्होंने जनता के हितों की इन योजनाओं को आज तक क्यों रोक रखा है।