कथक गुरु पुलकित महाराज पर लगा जालसाजी का आरोप, गिरफ्तार
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कथक गुरु पुलकित मिश्रा उर्फ पुलकित महाराज को यूपी में गाजियाबाद के साहिबाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को अलग-अलग मंत्रालयों का अधिकारी बताकर सरकारी सुविधाएं लेता था। प्रधानमंत्री कार्यालय को यूपी के सीतापुर से शिकायत मिली थी।
इसके बाद जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंपी गई। दिल्ली पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी साहिबाबाद में कथक डांस की अकादमी चलाता था। सोशल मीडिया पर उसका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोटो भी है।
अपराध शाखा डीसीपी डॉ. जॉय टर्की के अनुसार, इस वर्ष अगस्त महीने में शिकायत मिली थी कि साहिबाबाद के रहने वाला पुलकित महाराज उत्तर प्रदेश के सीतापुर में कलक्टर को खुद को कला एवं संस्कृति मंत्रालय का निदेशक बताकर सिक्योरिटी मांगी और सर्किट हाउस बुक कराने को कहा था।
एक अप्रैल, 2018 को पुलकित महाराज सीतापुर गए और पुलिस व प्रशासन ने वीआईपी प्रोटोकॉल के साथ सुरक्षा मुहैया कराई थी। इस दौरान कलेक्टर को संदेह हुआ और इसकी शिकायत तुरंत कला एवं संस्कृति मंत्रालय से की थी। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को जांच में पता लगा था कि सीतापुर कलक्टर को भेजा गया मंत्रालय का लैटरहेड फर्जी था। इस पर जालसाजी का मामला दर्ज किया गया।
आलिंगन वेलफेयर सोसायटी और आध्यात्मिक केंद्र
करीब एक महीने जांच के बाद अपराध शाखा ने पुलकित को साहिबाबाद स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में पता चला कि पुलकित महाराज खुद को कभी प्रधानमंत्री का आध्यात्मिक गुरु बताकर तो कभी लेटरहेड भेजकर सरकारी सुविधाएं लेता था। कई राज्यों मेें तो वह विशेष अतिथि बन गया था। जांच में पता चला कि इसकी बहन पारुल भी इसके साथ रहती थी। वह मंत्रालय के फर्जी लेटरहेड पर पुलकित की सचिव बनी हुई थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुलकित महाराज दिलशाद गार्डन इलाके में आलिंगन वेलफेयर सोसाइटी चलाता था। साथ में वह अपना एक आध्यात्मिक सेंटर भी चलाता था। पुलिस ने इसके सेंटर पर दबिश दी और काफी कागजात व लेटरहेड बरामद किए हैं।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कैसे वह अलग-अलग मंत्रालयों के फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। ऐसा तो नहीं है कि मंत्रालयों के अधिकारियों से इसकी सांठगांठ थी। पुलिस उसकी बहन की भूमिका की भी छानबीन कर रही है।