ईडी को झटका: कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मिली जमानत, टेरर फंडिंग का है आरोप
इससे पहले हाई कोर्ट ने शाह को राहत देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि उनके खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं और आरोप सही प्रतीत होते हैं। शाह के खिलाफ 24 एफआईआर भी दर्ज हैं।
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पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जमानत दे दी। विशेष न्यायाधीस (एनआईए) प्रशांत शर्मा ने उन्हें 1 लाख रुपये के जमानत बॉन्ड और 1 लाख रुपये की श्योरिटी बॉन्ड पर रिहा किया। शब्बीर शाह 2019 से हिरासत में थे।
शाह पर एनआईए द्वारा 2017 में टेरर फंडिंग के मामले में आरोप लगाए गए थे। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। सुप्रीम कोर्ट ने पहले टेरर फंडिंग के मामले में उन्हें जमानत दी थी।
सुनवाई के दौरान शाह के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि ईडी का मामला पहले से दर्ज एनआईए मामले पर आधारित है। साथ ही, शाह छह साल से अधिक समय से हिरासत में हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को शाह अपने जमानत बॉन्ड जमा करके तिहाड़ जेल से रिहा हो सकते हैं।
इससे पहले हाई कोर्ट ने शाह को राहत देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि उनके खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं और आरोप सही प्रतीत होते हैं। शाह के खिलाफ 24 एफआईआर भी दर्ज हैं। शाह पर आरोप हैं कि उन्होंने 2017 में टेरर फंडिंग के जरिए घाटी में अशांति फैलाने के लिए गैर-कानूनी गतिविधियों में फंड जुटाया। कोर्ट ने अब उन्हें उचित सुरक्षा के साथ जमानत दी है, ताकि वे अपने बचाव की तैयारी कर सकें।