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मेरे मां-बाप ने कभी बेटा-बेटी का फर्क नहीं समझाः यूपीएससी टॉपर नंदिनी
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 01 Jun 2017 11:06 AM IST
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यूपीएसएसी की ओर से आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में कर्नाटक की नंदिनी ने टॉप किया है। नंदिनी बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं। पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी नंदिनी को खेल के साथ-साथ साहित्य में भी गहरी रुचि है।
वह वॉलीबाल की खिलाड़ी हैं और बचपन से ही कन्नड़ साहित्य पढ़ती रही हैं। शुरुआती पढ़ाई कर्नाटक के कोलार में करने वाली नंदिनी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया।
उनके पिता रमेश केवी हाई स्कूल में शिक्षक हैं जबकि माता गृहिणी हैं। समाज में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को नंदिनी बड़ी समस्या मानती हैं और महिला सशक्तीकरण की दिशा में कुछ करना चाहती हैं।
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फरीदाबाद में राष्ट्रीय सीमा शुल्क एवं नशीले पदार्थ अकादमी में ट्रेनिंग कर रहीं 26 वर्षीय नंदिनी ने बताया कि सिविल सर्विस परीक्षा टॉप करने की जानकारी उन्हें उनकी मित्र खुशबू ने दी।
नियमित रूप से पढ़ाई करने वाली नंदिनी ने बताया कि उन्होंने कभी अपने आप पर दबाव नहीं बनाया। खुले दिमाग से तैयारी की और कांसेप्ट पर ध्यान दिया। एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्हें जहां काम करने का मौका मिलेगा, वहां बेस्ट देने का प्रयास करेंगी।
उन्होंने कहा कि वक्त बदल रहा है। अब लड़कियां हर क्षेत्र में आगे निकल रही हैं। लोगों की भी सोच बदल रही है। मेरे माता-पिता ने कभी बेटे-बेटी में फर्क नहीं समझा। उन्होंने मुझे बेहतर शिक्षा दिलाने की हरसंभव कोशिश की।
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वह वॉलीबाल की खिलाड़ी हैं और बचपन से ही कन्नड़ साहित्य पढ़ती रही हैं। शुरुआती पढ़ाई कर्नाटक के कोलार में करने वाली नंदिनी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया।
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उनके पिता रमेश केवी हाई स्कूल में शिक्षक हैं जबकि माता गृहिणी हैं। समाज में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को नंदिनी बड़ी समस्या मानती हैं और महिला सशक्तीकरण की दिशा में कुछ करना चाहती हैं।
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फरीदाबाद में राष्ट्रीय सीमा शुल्क एवं नशीले पदार्थ अकादमी में ट्रेनिंग कर रहीं 26 वर्षीय नंदिनी ने बताया कि सिविल सर्विस परीक्षा टॉप करने की जानकारी उन्हें उनकी मित्र खुशबू ने दी।
नियमित रूप से पढ़ाई करने वाली नंदिनी ने बताया कि उन्होंने कभी अपने आप पर दबाव नहीं बनाया। खुले दिमाग से तैयारी की और कांसेप्ट पर ध्यान दिया। एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्हें जहां काम करने का मौका मिलेगा, वहां बेस्ट देने का प्रयास करेंगी।
उन्होंने कहा कि वक्त बदल रहा है। अब लड़कियां हर क्षेत्र में आगे निकल रही हैं। लोगों की भी सोच बदल रही है। मेरे माता-पिता ने कभी बेटे-बेटी में फर्क नहीं समझा। उन्होंने मुझे बेहतर शिक्षा दिलाने की हरसंभव कोशिश की।
आत्मविश्वास होना चाहिए, लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता हैः नंदिनी
अपनी सफलता पर उत्साहित नंदिनी ने कहा कि आत्मविश्वास होना चाहिए, लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है। परीक्षा परिणाम आते ही केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर उन्हें बधाई देने पहुंचे।
चौथे प्रयास में सफलता हासिल करने वाली नंदिनी ने बताया कि इस बार यह तय कर लिया था कि सफलता हासिल करनी ही है और यह अंतिम प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि सेवा की दृष्टि से कर्नाटक उनकी प्राथमिकता में है।
छात्रों की दिक्कतों के लिए काउंसलिंग सेंटर
आयोग ने छात्रों की दिक्कतों को दूर करने के लिए काउंसलिंग सेंटर भी शुरू किया है। परीक्षा या भर्ती संबंधी किसी भी प्रकार की जानकारी, स्पष्टीकरण, व्यक्तिगत रूप से या फोन पर वे प्राप्त कर सकते हैं। छात्र दिल्ली में 23385271/23381125/23098543 पर वर्किंग डेज में सुबह दस से शाम पांच बजे तक फोन कर सकते हैं।
चौथे प्रयास में सफलता हासिल करने वाली नंदिनी ने बताया कि इस बार यह तय कर लिया था कि सफलता हासिल करनी ही है और यह अंतिम प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि सेवा की दृष्टि से कर्नाटक उनकी प्राथमिकता में है।
छात्रों की दिक्कतों के लिए काउंसलिंग सेंटर
आयोग ने छात्रों की दिक्कतों को दूर करने के लिए काउंसलिंग सेंटर भी शुरू किया है। परीक्षा या भर्ती संबंधी किसी भी प्रकार की जानकारी, स्पष्टीकरण, व्यक्तिगत रूप से या फोन पर वे प्राप्त कर सकते हैं। छात्र दिल्ली में 23385271/23381125/23098543 पर वर्किंग डेज में सुबह दस से शाम पांच बजे तक फोन कर सकते हैं।