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प्रॉपर्टी विवाद में कारगिल युद्ध का फौजी बना शूटर
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Sat, 04 Mar 2017 09:25 AM IST
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fauzi shooter
- फोटो : अमर उजाला
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जिन हाथों ने कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सेना को धूल चटाई थी, वहीं हाथ प्रॉपर्टी विवाद में दो लोगों का कत्ल कर बैठे। करीब दस दिन पूर्व फर्रुखनगर में प्रॉपर्टी विवाद में दो लोगों की हत्या कर दी गई थी।
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इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनमें एक आरोपी कारगिल युद्ध का पूर्व सैनिक है। सीआईए यूनिट पालम विहार की टीम ने बृहस्पतिवार शाम करीब 5:30 बजे फर्रुखनगर में हुए हत्याकांड के दो आरोपियों को दिल्ली के उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन के नजदीक से गिरफ्तार किया है।
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इनमें झज्जर जिले के गांव बामडौला निवासी युवराज उर्फ टीनू (32) और झज्जर जिले के गांव बधानी निवासी राजेश (38) शामिल हैं। शुक्रवार को अदालत में पेश कर पुलिस ने आरोपियों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। इनसे गहनता से पूछताछ की जाएगी।
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पुलिस की मानें तो पकड़ा गया आरोपी राजेश राज राइफल ग्रुप में था। उसने पुलिस को बताया कि उसने 1999 में हुए कारगिल युद्ध के दौरान श्रीनगर के पुलवामा में पोस्टिंग पर रहते हुए लड़ाई लड़ी थी।
इसके लिए उसे सेना की ओर से सम्मान भी मिला था। वह वर्ष 2013 में फौज से रिटायर्ड हुआ था। उसके बाद उसने कई जगह सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी की। उसके बाद उसने स्कार्पियो खरीद ली और उसे चलाने लगा। पुलिस ने बताया कि रिमांड पर पूछताछ के बाद पूरे मामले का खुलासा होगा।
ये था पूरा मामला...
फर्रुखनगर क्षेत्र में फाजिलपुर मोड़ के पास 23 फरवरी को प्रॉपर्टी डीलर वेद प्रकाश सैनी के कार्यालय में प्रॉपर्टी विवाद के चलते फायरिंग हुई थी। इसमें पुलिस मास्टरमाइंड वेद प्रकाश सैनी व झज्जर जिले के गांव बामडौला निवासी जगबीर को दिल्ली के द्वारका से 27 फरवरी को ही गिरफ्तार कर चुकी है।
वेद ने ही 1000 गज का प्लॉट खरीदने के बाद पैसा देने से बचने के लिए यह साजिश की रची थी। उसने प्लॉटधारकों संदीप, रामअवतार एवं शीनू को बातचीत के लिए अपने कार्यालय में बुलाया था। बात बिगड़ने पर बामडौला निवासी जगबीर एवं युवराज उर्फ टीनू, राजेश व लोकेश ने उन तीनों पर ताबड़तोड़ फायर किए थे। इसमें संदीप की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि रामअवतार ने अस्पताल जाते समय दम तोड़ दिया था। वहीं शीनू का इलाज मेदांता अस्पताल में जारी है।