फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Kargil Vijay Diwas Subedar Major Fateh Singh still remembers Kargil war

Kargil Vijay Diwas: कारगिल फतह को आज भी याद करते हैं फतेह सिंह, भारत की सेना ने दिलेरी के साथ लड़ा था युद्ध

Tue, 26 Jul 2022 12:10 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 26 Jul 2022 12:10 AM IST
सार

फतेह सिंह बताते हैं कि उनकी टुकड़ी में शामिल सिपाही उमेद ने दुश्मनों द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंग में अपना हाथ गंवा दिया। लेकिन हमारी टुकड़ी ने सतर्कता बरती और दो घुसपैठियों को मार गिराया।

विज्ञापन
Kargil Vijay Diwas Subedar Major Fateh Singh still remembers Kargil war
सूबेदार मेजर फतेह सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रोहिणी स्थित एनसीसी भवन में चल रहे शिविर में तैनात छ: दिल्ली बटालियन के सूबेदार मेजर फतेह सिंह आज भी कारगिल युद्ध को याद करते हैं। सूबेदार मेजर फतेह सिंह 13 कुमांऊ रंजागला बटालियन में लांस नायक पद पर तैनात थे। उस समय उनकी उम्र 27 वर्ष थी। इस उम्र में उन्हें कारगिल युद्ध मे चार पहाड़ियों पर टास्क मिला था। फतेह सिंह की पोस्टिंग तुरतुक सेक्टर (मौजूदा नाम कैप्टन हनीफ सेक्टर) पर थी।

विज्ञापन


फतेह सिंह बताते हैं कि पॉइंट 5810 पर कब्जा करने का टास्क मिला था। उच्च अधिकारी कैप्टन हरकमल अटवाल, कैप्टन पठानिया, सूबेदार रोहतास यादव की अध्यक्षता में 20 जवानों को इस चोटी पर चढ़ना था। 20-20 की टुकड़ी में इस पहाड़ी को घेरना था। फतेह सिंह बताते है कि हम पहाड़ी के निचले हिस्से में थे और हमें ऊपर चढ़ना था। ऊपर दुश्मनों ने हथियार जमा कर रखे थे, ऊपर से फायरिंग हो रही थी। हम रात को योजना के तहत ऊपर चढ़ाई करते थे।

विज्ञापन

फतेह सिंह बताते हैं कि उनकी टुकड़ी में शामिल सिपाही उमेद ने दुश्मनों द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंग में अपना हाथ गंवा दिया। लेकिन हमारी टुकड़ी ने सतर्कता बरती और दो घुसपैठियों को मार गिराया, जिसके बाद बाकी बचे दुश्मन पोस्ट छोड़कर भाग खड़े हुए और हमने पहाड़ी पर चार दिन बाद सुबह पांच बजे कब्जा कर लिया। इस दौरान दुश्मनों के एचएमजी, मोर्टार, एके-47 मैगजीन और उनका राशन दाल, चावल, टेंट, ड्रेस इत्यादि को कब्जे में ले लिया गया। 

उस समय फतेह सिंह बैटल फील्ड नर्सिंग असिस्टेंट की भूमिका में थे। आक्रमण के साथ साथियों को दवा देकर उनको सुरक्षित ठिकाने पर ले जाने की जिम्मेदारी उनपर थी और साथ ही कवरिंग फायरिंग करते हुए आगे बढ़ रहे थे। क्योंकि वहां बारूदी सुरंगें बिछी हुई थीं। फतेह सिंह मूलत: रेवाड़ी जिले के कोहारण गांव के रहने वाले हैं। मौजूदा समय दिल्ली के सागरपुर में रहते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed