कन्हैया ने मदर्स डे पर स्मृति 'माता' को लिखा पत्र, पूछा मां के रहते बेटे की जान कैसे गई
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कन्हैया ने अपने पत्र में लिखा है कि भूखे रहकर और पुलिस से पिटकर भी किस तरह पढ़ाई की जाती है, यह आपके सानिध्य में हम सफलतापूर्वक सीख रहे हैं। कन्हैया ने खत में जिक्र किया है कि किसी साथी ने एक तस्वीर भेजते हुए सवाल किया है।
गाय माता, भारत माता, गंगा माता और स्मृति माता के होते हुए भी रोहित वेमुला की जान कैसे चली गई। भारत जैसे महान देश में कोई मां अपने बेटे को आत्महत्या करने पर कैसे मजबूर कर सकती है।
'स्मृति माता के होते हुए भी रोहित की कैसे चली गई जान'
अपने संघर्ष का हवाला देते हुए कन्हैया ने स्मृति ईरानी से अपील की है कि उनके बच्चे पिछले 11 दिन से भूखे हैं। उनसे यह सवाल पूछ रहे हैं। समय मिलने पर जवाब जरूर दें। इसके अलावा कन्हैया ने ईरानी से उनकी हड़ताल में शामिल होने की बात भी कही है।
बता दें कि जेएनयू कैंपस में नौ फरवरी को देशविरोधी नारे लगाने के मामले में पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दोषी छात्रों को सजा और जुर्माना लगाने के विरोध में छात्रसंघ 11 दिन से भूख हड़ताल पर है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के समर्थन में कई माताएं रविवार को कैंपस में मदर्स डे पर भूख हड़ताल पर बैठी थीं। इसी के तहत कन्हैया ने मदर्स डे पर स्मृति ईरानी को पत्र लिखा है।
मदर्स डे पर कई बुद्धिजीवियों ने भूख हड़ताल में सहयोग दिया। वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक यूनियन भी इस हड़ताल में शामिल रहा। रविवार शाम को कैंपस में मदर्स विरोध मार्च भी निकाला गया, जिसमें माताओं ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से निर्णय वापस लेने की अपील की।