{"_id":"58d4cc3c4f1c1b425c1a5091","slug":"kadam-organisation-is-giving-books-to-schools-left-kids","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए वरदान बना ‘कदम’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए वरदान बना ‘कदम’
यूनुस अलवी/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Fri, 24 Mar 2017 01:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेवात जिले में स्कूल जाने से वंचित 7 से 13 साल तक के बच्चों के लिए हुमाना प्यूपिल टू प्यूपिल इंडिया संस्था का ‘कदम-द स्टेप अप’ प्रोग्राम वरदान बनकर सामने आया है। संस्था की ओर से मेवात के करीब 3200 ऐसे बच्चों को सेंटरों के माध्यम से ट्रेंड कर स्कूलों में दाखिला दिलाने की मुहिम पर काम चल रहा है।
विज्ञापन
संस्था की ओर से अब तक सैकड़ों बच्चों को प्राइमरी से मिडिल तक की कक्षाओं में दाखिला दिलाया जा चुका है। संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर नीरज यादव का कहना है कि वे मेवात जिले के खंड पुन्हाना, नूंह में सर्व शिक्षा अभियान के साथ मिलकर 7 से 13 साल के उन बच्चों पर काम कर रहे हैं जो किसी कारण स्कूल जाने से वंचित रह गए या फिर स्कूल छोड़ दिया।
विज्ञापन
नूंह और पुन्हाना में उनके करीब 50 सेंटर चल रहे हैं, जिनमें करीब 3200 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सभी बच्चों को पढ़ाने के लिए करीब 125 अध्यापक लगाए गए हैं। उनकी संस्था का मकसद है कि बच्चों की आयु और बुद्धि के हिसाब से उन्हें पहली से आठवीं कक्षा तक के लिए तैयार किया जाता है।
विज्ञापन
जो बच्चा जिस कक्षा के काबिल होता है उसका उसी कक्षा में एडमिशन कराया जाता है। उनकी संस्था की ओर से सैकड़ों बच्चों को विभिन्न स्कूलों में एडमिशन दिलाया जा चुका है। गांव मालब के सरपंच साबिर हुसैन ने लोगों से आह्वान किया कि आज शिक्षा का जमाना है।
बेटियों को भी बेटों के बराबर शिक्षा दिलाना जरूरी है। उन्होंने संस्था के कार्य की तारीफ करते हुए कहा कि वे अच्छा काम कर रही है। पंचायत की ओर से संस्था को पूरा सहयोग दिया जाऐगा।
इस मौके पर सरपंच साबिर हुसैन, मास्टर जकरिया, मास्टर अब्दुल रहीम, मुईनुद्दीन, हाजी यूसुफ, मजीदा, हाजी इलयास, याकूब, जैकम और फरीद सहित प्रमुख लोग मौजूद थे।