फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Just get 1,000 crore fund, how the corporation will raise.

सिर्फ 1000 करोड़ मिलेगा फंड, बाकी कैसे जुटाएगा निगम

Thu, 04 Feb 2016 12:35 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Thu, 04 Feb 2016 12:35 PM IST
विज्ञापन
Just get 1,000 crore fund, how the corporation will raise.
गाजियाबाद को स्मार्ट बनाने की जिम्मेदारी संभालने वाले नगर निगम की कमजोर आर्थिक स्थिति भी गाजियाबाद के स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर होने की बड़ी वजह रही।
विज्ञापन


नगर निगम ने स्मार्ट सिटी प्रपोजल में करीब 1500 करोड़ के बजट की योजनाएं प्रस्तावित की थी, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार की ओर से पांच साल में सिर्फ 1000 करोड़ का फंड मिलना था।
विज्ञापन


बाकी फंड नगर निगम को अपने संसाधनों और दूसरे विभाग के फंड का कन्वर्शन कर जुटाना था। सूत्रों की मानें तो स्मार्ट सिटी प्रपोजल में निगम अफसर कास्ट कन्वर्शन का गणित केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को नहीं समझा पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


यानी अतिरिक्त फंड का इंतजाम न होता तो स्मार्ट सिटी की योजनाएं अधूरी रह सकती थी। सूत्रों की मानें तो गाजियाबादियों का स्मार्ट सिटी का सपना तोड़ने में निगम की कमजोर आर्थिक स्थिति ने ‘खलनायक’ की भूमिका निभाई है।

चुने गए पॉकेट को संतुष्ट करना चुनौती
नगर निगम ने स्मार्ट सिटी के लिए 570 एकड़ के एरिया को चुना था, जिसमें  सीवर, सड़क, पानी, नाली, अस्पताल, स्कूल की सुविधा दी जानी है।

इसके अलावा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क, स्टार्ट अप विलेज स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाने की प्लानिंग की थी। स्मार्ट स्ट्रीट लाइटें लगाई जानी हैं।

पांच साल में मिलने वाली 1000 करोड़ से यह संभव नहीं है। ऐसे में पूरे क्षेत्र को संतुष्ट करना बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए निगम को अतिरिक्त फंड का इंतजाम करना होगा।

फंड कन्वर्जन करके ही योजना हो सकेगी पूरी
स्मार्ट सिटी के सपने को नगर निगम अपने बूते पूरा नहीं कर सकेगा। एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के लिए निगम को केंद्र-राज्य सरकार से मिलने वाले फंड के अलावा विद्युत निगम, जीडीए, पीडब्ल्यूडी, परिवहन निगम, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग के फंड का भी कन्वर्शन करना पड़ेगा।


यानि इन विभागों की योजनाओं को अलग से लागू करने की बजाय स्मार्ट सिटी की योजना के मुताबिक लागू कराना होगा। अन्य विभागों से फंड मिलने पर ही स्मार्ट सिटी की योजना पूरी हो सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed