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दिल्ली: होली के पहले ही गहरा गया जल संकट, एक महीने तक गंभीर रहेगी पेयजल की समस्या

Mon, 22 Mar 2021 06:21 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 22 Mar 2021 06:21 PM IST
सार

  • दिल्ली के पास थे 1200 तालाब, पुनरुद्धार की योजना पर काम कर रही सरकार
  • मिलेनियम पार्क में नए जल संग्रह केंद्र विकसित करने पर हो रहा विचार

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Just before the holi festival, Bhakra Beas Management Board  reported not to supply water to Delhi for the next one month from 25 March
Delhi Jal Board - फोटो : Amar Ujala (File)

विस्तार

होली के त्यौहार के पहले ही दिल्ली में जल संकट गहरा गया है। दिल्ली को जलापूर्ति करने वाले भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने 25 मार्च से अगले एक महीने तक दिल्ली को जलापूर्ति नहीं करने की सूचना दी थी। इस दौरान बांध में मरम्मत का काम होगा और इस दौरान दिल्ली को होने वाली जलापूर्ति में 25 फीसदी तक की कमी आ सकती है। दिल्ली सरकार की कोशिश के बाद भी इस समस्या का हल नहीं निकाला जा सका है और इस कारण 25 मार्च से दिल्ली के अनेक इलाकों में पानी की समस्या विकराल रूप धारण कर सकती है।  

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दिल्ली जल बोर्ड के एक अधिकारी के मुताबिक अभी तक दिल्ली को पानी उपलब्ध कराने की समस्या सुलझाई नहीं जा सकी है। इसे अन्य स्रोतों से पूरी करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं, ज्यादा प्रभावित इलाकों में टैंकरों के जरिए जलापूर्ति की कार्य योजना तैयार की जा रही है। लेकिन इसके बाद भी दिल्ली में जल संकट का विकराल होना तय हो गया है, क्योंकि अन्य स्रोतों से इतनी भारी मात्रा में जलापूर्ति संभव नहीं है। आशंका है कि भाखड़ा ब्यास संस्थान से जलापूर्ति बंद होने के बाद दिल्ली को मिलने वाले पानी में प्रतिदिन 200 एमजीडी पानी की कमी हो सकती है।

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तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए कोशिश  

देश की आज़ादी के समय दिल्ली के आसपास 1200 से ज्यादा सक्रिय तालाब थे, लेकिन वर्तमान स्थिति में इनमें से सौ तालाब भी सक्रिय स्थिति में नहीं रह गए हैं। ज्यादातर तालाबों पर भूमाफियाओं का कब्ज़ा हो गया है, उन पर झुग्गी-झोपडियां बन गई हैं या वे कचरा निस्तारण के केंद्र बन गए हैं। अनेक तालाबों पर सरकार ने ही स्कूल या सामुदायिक भवन बना दिया है। यही कारण है कि दिल्ली के भूजल का रिचार्ज नहीं हो रहा है और राजधानी का जलस्तर नीचे गिरता जा रहा है।

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लेकिन राजधानी को जल के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिल्ली सरकार इन जोहड़ों को पुनर्जीवित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए प्राइवेट कंपनियों से संपर्क साधा जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि इन तालाबों को पुनर्जीवित कर इनके मध्यम से दिल्ली का जल स्तर ऊपर उठाया जाये। इसके साथ ही इन्हें वाटर पार्क की तरह से विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है।   

नए जल संग्रह केंद्र विकसित करेगी सरकार

पुराने तालाबों को सक्रिय करने के साथ-साथ नए जल संग्रह केंद्र विकसित किए जाने का भी प्रयास चल रहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 2016-17 में ही दिल्ली के मिलेनियम पार्क के पास बड़ा वाटर पार्क विकसित करने की बात कही थी। इसके आलावा दिल्ली के कई प्रमुख जगहों पर वर्ष जल संग्रह करने की योजना बनाई गई थी। दिल्ली सरकार अब इन जगहों पर जल संग्रह केंद्र विकसित कर दिल्ली की जलापूर्ति को हमेशा के लिए सुलझाना चाहती है।

तीन करोड़ की आबादी का लक्ष्य निर्धारित कर सकती है सरकार

अधिकारी के मुताबिक़, बड़े जल संग्रह केंद्र बनाने में काफी लंबा समय लगता है। इसके लिए भारी मात्रा में धन की भी आवश्यकता होती है। यही कारण है कि इस योजना को बनाते समय दिल्ली की भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर जल संग्रह केंद्र विकसित किये जाएंगे।



इसके लिए सरकार अगले 20 से 25 सालों में दिल्ली की आबादी के बढ़ने की संभावना और नए समय में प्रति व्यक्ति होने वाली जल की खपत की मात्रा को आधार बना सकती है। अनुमान है कि दिल्ली सरकार राजधानी के तीन करोड़ संभावित नागरिकों की आवश्यकता की पूर्ति को ध्यान में रखकर योजना पर काम कर सकती है जिससे निकट भविष्य में दिल्ली के सामने जल संकट की स्थिति न आये।

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