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सौम्या हत्याकांड: वारदात के बाद मुखबिर बन गया था रवि; पुलिस के साथ दबिश देने भी जाता था, जानें कब क्या हुआ?

Thu, 19 Oct 2023 09:18 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 19 Oct 2023 09:18 AM IST
सार

Soumya Vishwanathan Case: पत्रकार सौम्या विश्वनाथन का कत्ल करने के बाद गिरोह सरगना रवि कपूर पुलिस का मुखबिर बन गया था। रवि पुलिस के साथ दबिश में भी जाता था। गिरोह सुबह के समय वारदात करते थे। चार मामलों से खुलासा हुआ है। 

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Journalist Soumya murder case Ravi had become a police informer after the incident
पत्रकार सौम्या विश्वनाथन (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या करने के बाद गिरोह सरगना रवि कपूर दिल्ली पुलिस का मुखबिर बन गया था। सौम्या के पहले से इन लोगों ने वीपीओ कर्मी जिगिशा घोष और मुनिरका में एक व्यक्ति की हत्या की थी। रवि जिगिशा घोष की हत्या के बाद पकड़ा गया। 
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इससे पहले वह पुलिस के संरक्षण में रहा। वह साथियों के साथ कार में चलता था और जज का स्टिकर, पुलिस वर्दी, वायरलेस सेट व मीडिया का परिचय पत्र लेकर चलता था। पुलिस के साथ वह बदमाशों को पकड़ने के लिए दबिश देने जाता था। इस दौरान वह पुलिस की कार्यप्रणाली से भली भांति परिचित हो गया था।
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दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारियों ने दावा किया था कि सौम्या की हत्या करने के बाद रवि कपूर स्पेशल स्टाफ के पुलिसकर्मियों का मुखबिर बन गया था। सितंबर में सौम्या की हत्या हुई थी। इसके बाद वह पुलिस के संरक्षण में रहा। यहीं वजह है कि वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। 
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रवि कपूर व उसके साथियों ने सौम्या की हत्या के बाद जिगिशा व नदीम नामक व्यक्ति की हत्या की थी। खास बात ये है कि तीनों की हत्या सुबह के समय हुई थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार नदीम की हत्या लूटपाट के लिए की गई थी और उसकी क्वालिस कार लूट ली थी।
 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार नदीम की हत्या सुबह तीन से चार के बीच में की गई थी। तड़के तीन बजे तक उसका मोबाइल चल रहा था और उसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया था। नदीम का शव वसंत कुंज इलाके में केन्द्रीय विश्वविद्यालय रोड पर पड़ा मिला था।

दोषियों के कब्जे से गिरफ्तारी के समय ये सामान बरामद किया गया था
जिगिशा की हत्या में इस्तेमाल हुई सेट्रो कार, देशी कट़्टा, तीन कारतूस, एक खोखा, पंजाब एवं हरियाणा कोर्ट के जज का स्टिकर, पुलिस का मोनोग्राम, मीडिया के परिचय पत्र, दो मोटोरोला के वायरलेस सेट, पुलिस की वर्दी, एक ड्रैगन लाइट, तीन स्टार व एक स्टार वाली डीजीपी और डीआईजी रैंक के अधिकारियों की वर्दी, घरों के ताले तोड़ने वाले उपकरण, 113 डुप्लीकेट चाबी, टूल्स, ड्रेगर और एक चाकू।

 

दोषियों ने कैंट इलाके में व्यक्ति को लूटा था
सौम्या की हत्या के बाद गिरोह सरगना रवि कपूर पुलिस का मुखबिर बन गया। पुलिस की मुखबिरी की आड़ में वह वारदात को धड़ल्ले से अंजाम देता रहा। रवि कपूर व उसके साथियों ने नौ मार्च को एयरपोर्ट जा रहे व्यक्ति को लूटा था। इस बाबत दिल्ली कैंट इलाके में मामला दर्ज है।

सौम्या विश्वनाथन हत्याकांड की टाइम लाइन
  • 30 सितंबर 2008 : सौम्या विश्वनाथन की दक्षिणी दिल्ली के वसंतकुंज के नेल्सन मंडेला मार्ग पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह सुबह करीब 3.30 बजे कार से घर लौट रही थीं।
  • 28 मार्च, 2009: आईटी कार्यकारी जिगिशा घोष की हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी के बाद पांच लोगों रवि कपूर, अमित शुक्ला, बलजीत मलिक, अजय कुमार और अजय सेठी को गिरफ्तार किया गया, जिससे सौम्या की हत्या में संलिप्तता का पता चला।
  • अप्रैल 2009: दिल्ली पुलिस ने सौम्या हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ सख्त महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाया।
  • 6 फरवरी, 2010: रवि कपूर, बलजीत सिंह, अमित शुक्ला, अजय कुमार और अजय सेठी पर हत्या, डकैती और अन्य अपराधों के तहत आरोप लगाए गए।
  • अगस्त 2016: एक ट्रायल कोर्ट ने कपूर और शुक्ला को मौत की सजा सुनाई, जबकि मलिक को 2009 जिगिशा घोष हत्या मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

  • जनवरी 2018: दिल्ली उच्च न्यायालय ने कपूर और शुक्ला की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया। मलिक की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी गई।
  • 27 फरवरी, 2019: दिल्ली उच्च न्यायालय ने मलिक द्वारा दायर याचिका के आधार पर ट्रायल कोर्ट को सौम्या की हत्या मामले की सुनवाई में तेजी लाने का आदेश दिया।
  • 1 सितंबर, 2023: अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रवींद्र कुमार पांडे के समक्ष अंतिम बहस शुरू हुई।
  • 13 अक्टूबर, 2023: न्यायमूर्ति पांडे ने बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें पूरी होने के बाद मामले में फैसला सुरक्षित रखा। अदालत ने कहा कि सभी पक्ष 14 अक्टूबर तक लिखित दलीलें, यदि कोई हों, दाखिल कर सकते हैं।
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