जांच में खुलासा: लापरवाही से हुई देवांश की मौत
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दिल्ली के रायन इंटरनेशनल स्कूल में 6 साल के छात्र दिव्यांश की मौत के मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस ने स्कूल की प्रिंसिपल से पूछताछ की है।
इसके साथ ही मामले की जांच कर रहे एसडीएम ने प्राथमिक रिपोर्ट में स्कूल की लापरवाही की बात मानी है। बच्चे के पिता ने रविवार को प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग की थी और आज उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच की अपील की है।
इससे पहले परिवार ने आरोप लगाया था कि स्कूल प्रिंसिपल ने उन्हें मुंह बंद रखने को कहा था। दिव्यांश की रायन स्कूल के अंडरग्राउंड वाटर टैंक में डूबकर मौत हो गई थी।
टास्क फोर्स करेगी सुरक्षा ऑडिट
दिल्ली सरकार ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर स्कूलों पर सख्ती बरतने का फैसला लिया है। एमसीडी स्कूल के मेनहोल और रेयान इंटरनेशनल स्कूल के वाटर टैंक में गिरकर दो बच्चों की मौत होने के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को बैठक बुलाई। वहीं आज सुबह ही एसडीएम भी जांच के लिए स्कूल पहुंचे हैं।
इसमें शिक्षा सचिव, उपशिक्षा निदेशक, शिक्षा अधिकारी, सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाचार्य शामिल हुए। इसमें फैसला लिया गया कि सभी सरकारी, एमसीडी, निजी स्कूलों को निर्देश दिया जाएगा कि वे स्कूल कैंपस और इमारत का मुआयना करके देखें कि वहां कोई ऐसी खतरनाक जगह या कारण तो नहीं है जिससे किसी हादसे की आशंका हो।
जोन स्तर पर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, एसडीएम, शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली जल बोर्ड, फायर डिपार्टमेंट, दिल्ली नगर निगम अधिकारियों की ज्वाइंट टास्क फोर्स बनाई जाएगी। टास्क फोर्स अपने-अपने जोन के करीब 3500 स्कूलों में जाकर देखेंगी कि स्कूलों ने घोषणा पत्र में जो जानकारी दी है वो सही है या नहीं।
एक्सपर्ट ने स्कलू पहुंचकर की जांच
वसंतकुंज स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल में मासूम देवांश की पानी के टैंक में गिरकर मौत मामले में पुलिस ने रविवार को दिनभर छानबीन की। हाईप्रोफाइल मामले को देखते हुए जांच में सीएफएसएल की टीम को भी शामिल किया।
रविवार को टीम के एक्सपर्ट ने पूरे हादसे के सीन को रीक्रिएट करने का प्रयास किया। पुलिस ने क्लास से घटना स्थल तक की नापतौल की। हालांकि पुलिस सूत्रों की मानें तो देवांश की मौत के मामले में शुरुआती जांच में स्कूल प्रशासन की ही लापरवाही सामने आ रही है।
इधर स्कूल प्रशासन छात्र को अनुशासनहीन और डिस्लेक्सिया बीमारी से ग्रसित बताकर पूरे मामले से अपना पलड़ा झड़ने का प्रयास कर रहा है। देवांश के पिता ने स्कूल प्रशासन के सारे आरोपों को गलत बताकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सीएफएसएल की टीम को बहुत खामियां मिली
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीएफएसएल की टीम को घटनास्थल पर बहुत खामियां मिली है। पानी के टैंक के आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा मौजूद नहीं है। इसके अलावा ढक्कन खुला होने के बाद बावजूद वहां पर किसी गार्ड की तैनाती नहीं की गई थी।
पुलिस ने रविवार को स्कूल प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों से पूछताछ करने के अलावा देवांश की क्लास टीचर और प्रिंसिपल से पूछताछ की। हालांकि दोनों ने ही अपनी-अपनी सफाई पुलिस के सामने रखी है।
पुलिस अधिकारी इन बातों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि दोपहर करीब 12:15 बजे सातवें पीरियड में देवांश गायब हो गया था। इसके बाद उसे ढूंढने का प्रयास क्यों नहीं किया गया।
टैंक का ढक्कन क्यों खुला था
इसके साथ ही 1:40 बजे जब स्कूल के इलेक्ट्रीशियन ने बच्चे को देखकर प्रशासन को सूचना दी, तो उसी समय पुलिस को भी क्यों नहीं सूचना दी गई। पानी के टैंक का ढक्कन क्यों खुला था।
उसके पास कोई गार्ड या कोई अन्य स्टाफ क्यों नहीं तैनात था। स्कूल प्रशासन छात्र को अनुशासनहीन बता रहा है तो कोई उसका प्रमाण है या नहीं। साथ ही अगर देवांश डिस्लेक्सिया बीमारी से ग्रसित था तो क्या स्कूल के पास उसका कोई प्रमाण है।
पुलिस ने शनिवार को स्कूल में मौजूद सभी कर्मचारियों और अन्य स्टाफ की लिस्ट भी स्कूल प्रबंधन से ली है। पुलिस ने सोमवार को स्पाइनल इंजरी अस्पताल के डॉक्टरों को जांच में शामिल होने का नोटिस दिया है।
शनिवार को हुई थी मौत
इसके साथ ही पोस्टमार्टम करने वाले एम्स के डॉक्टरों को भी पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा गया है। वहीं स्कूल प्रबंधन के लोगों को जांच में शामिल होने के लिए कहा है।
इधर देवांश के पिता आरके मीणा ने स्कूल के आरोपों को बकवास बताया है। उनका कहना है कि उनका बच्चा बिल्कुल ठीक था, अगर उनका बच्चा अनुशासनहीन था तो स्कूल प्रशासन ने परिजनों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी।
बता दें कि शनिवार दोपहर को रेयान इंटरनेशनल स्कूल में पानी के टैंक में गिरकर छह साल के मासूम देवांश की मौत हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है।