जेएनयू में लाल सलाम: कन्हैया ने एबीवीपी पर ली चुटकी, कहा- डर के आगे हार और संघर्ष के आगे जीत
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने एबीवीपी पर चुटकी ली। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि डर के आगे हार और संघर्ष के आगे जीत...लाल सलाम। कन्हैया ने लिखा कि जेएनयू की छात्र राजनीति में हिंसा की जगह कभी नहीं रही। यहां विचारों पर बहस की जाती है और स्थापित मान्यताओं पर सवाल खड़े किए जाते हैं। इन्हीं सवालों और इसी जज्बे से डरते हैं ये मनुवादी लोग। लेकिन डर के आगे हार है और संघर्ष के आगे जीत। जेएनयू ये बात बखूबी जानता है।
जेएनयू की छात्र राजनीति में हिंसा की जगह कभी नहीं रही। यहाँ विचारों पर बहस की जाती है और स्थापित मान्यताओं पर सवाल खड़े किए जाते हैं। इन्हीं सवालों और इसी जज़्बे से डरते हैं ये मनुवादी लोग। लेकिन डर के आगे हार है और संघर्ष के आगे जीत। जेएनयू ये बात बख़ूबी जानता है। #StandWithJNU
विज्ञापन विज्ञापन— Kanhaiya Kumar (@kanhaiyakumar) September 15, 2018
जीते प्रत्याशियों ने किए ये वादे
तानाशाह कुलपति से कैंपस को दिलाएंगे आजादी: एनसाई बालाजी
छात्रसंघ अध्यक्ष व वामपंथी एकता पैनल के प्रत्याशी (आइसा सदस्य) एनसाई बालाजी मूल रूप से हैदराबाद के रहने वाले हैं। वे कहते हैं कि अध्यक्ष होने के नाते कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार की तानाशाही नहीं चलने देंगे। वे मनमाने ढंग से अकेडमिक व एग्जीक्यूटिव काउंसिल में फैसले पास कर देते हैं। हम तानाशाह कुलपति से कैंपस को आजादी दिलाएंगे। रोजगार, हॉस्टल, सुरक्षा पर काम करेंगे।
बेटियों की सुरक्षा पर करूंगी काम : सारिका चौधरी
छात्रसंघ उपाध्यक्ष व वामपंथी एकता पैनल की प्रत्याशी और डीएसएफ की सदस्य सारिका चौधरी कहती हैं कि दुनिया के अधिकारों की बात करने वाले जेएनयू में बेटियां सुरक्षित नहीं है। जीएस कैश कमेटी दोबारा गठित करने, कैंपस में सुरक्षा का माहौल देने पर काम करेंगे। किसी प्रोफेसर का नाम यौन उत्पीड़न में आता है तो तुरंत उसे निलबिंत किया जाना चाहिए।
कश्मीरी व मुस्लिम छात्रों को आगे बढ़ाने पर काम : एजाज
छात्रसंघ महासचिव व वामपंथी एकता पैनल के प्रत्याशी व एसएफआई के समर्थक कश्मीर निवासी एजाज अहमद राठेर कहते हैं कि उनका मकसद मुस्लिम छात्रों को आगे बढ़ने में सहयोग करना है। कश्मीरी मुस्लिम छात्रों को आतंकी की तरह ट्रीट किया जाता है। कश्मीर में अलग थलग कानून, पैलट गन का प्रयोग हटाने पर काम करूंगा।
उच्च शिक्षा में निजीकरण का होगा विरोध : अमूथा
केरल निवासी, एआईएसएफ सदस्य व वामपंथी एकता पैनल की संयुक्त सचिव अमूथा जयदीप कहतीं हैं कि उच्च शिक्षा में निजीकरण का विरोध किया जाएगा। निजीकरण के चलते आम आदमी शिक्षा से दूर होता जा रहा है। कैंपस की दिक्कतों के साथ निजीकरण, आरक्षण खत्म करने का भी विरोध होगा।