जेएनयू अब देशभर में खोलेगा कैंपस, छात्रों को नहीं आना पड़ेगा दिल्ली
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रबंधन अब देशभर में अपने कैंपस खोलेगा। इन कैंपस को सैटेलाइट कैंपस का नाम दिया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रबंधन अन्य राज्यों में जेएनयू कैंपस खोलने की संभावनाओं, मार्केट डिमांड के आधार पर नए कोर्स शुरू करने, आर्थिक फंड जुटाने व राज्य सरकारों से जमीन आदि के मामलों के लिए कमेटी गठित करेगा। खास बात यह है कि देशभर में खुलने वाले कैंपस का संचालन जेएनयू मुख्यालय से होगा।
जेएनयू एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक सोमवार को काउंसिल अध्यक्ष एवं कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार की अध्यक्षता में यह निर्णय लिया गया। इस दौरान बैठक में एकेडमिक प्रोग्राम के एक्सटेंशन पर सभी सदस्यों ने सहमति दी। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों में कैंपस खोलने के प्रस्ताव को सदस्यों ने पास कर दिया। इसके लिए जेएनयू एक्ट 1966 में संशोधन भी किया जाएगा।
बैठक में सीसीएस रूल जेएनयू में लागू नहीं करने पर भी सहमति बनीं। सीसीएस रूल के लिए पहले से ही कमेटी गठित है। एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में सीसीएस रूल लागू न करने पर शिक्षकों ने खुशी जताई है। इसके अलावा बैठक में अनिवार्य हाजिरी लागू करने की भी जानकारी दी गई। विश्वविद्यालय को देशभर में अपने कैंपस खोलने के लिए पैसों की जरूरत होगी। इसलिए विश्वविद्यालय प्रबंधन विभिन्न स्कूल व सेंटर में चेयर स्थापित करेगा।
एनसीआर में भी खुलेंगे जेएनयू के ऑफ कैंपस
जेएनयू के रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने बताया कि, जेएनयू देशभर के अलावा एनसीआर में भी अपने कैंपस खोलेगा। इसका मकसद छात्रों को घर के पास गुणवत्ता युक्त उच्च शिक्षा मुहैया करवाना है। डीयू, डीटीयू व आंबेडकर यूनिवर्सिटी की तर्ज पर जेएनयू के एनसीआर में कैंपस होंगे। इन कैंपस में अलग-अलग कोर्स या प्रोग्राम की पढ़ाई करवाई जाएगी।
जेएनयू में 500 छात्रों को नहीं मिली तीन माह की फेलोशिप
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में 500 छात्रों को फेलोशिप राशि नहीं मिली है। जिसके चलते छात्र बेहद परेशान हैं। छात्रों की परेशानी को देखते हुए छात्रसंघ ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ शिकायत दी है। छात्रसंघ ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों को फेलोशिप समय से नहीं मिली तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष एन साईबालाजी के मुताबिक, परीक्षा नियंत्रक हनुमान शर्मा ने जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ), मौलाना आजाद नेशनल फेलोशिप फॉर माइनारिटी (एमएएनएफ), राजीव गांधी नेशनल फेलोशिप (आरजीएनएफ) फेलोशिप की फाइल रोक रखी है। परीक्षा नियंत्रक विभाग का तर्क है कि फेलोशिप राशि के लिए तय समय पर आवेदन करना जरूरी है।
छात्रसंघ ने कहा कि परीक्षा नियंत्रक का तर्क बिल्कुल गलत है। क्योंकि यदि किसी छात्र ने 10 अगस्त के बाद दाखिला लिया होगा तो क्या वह फेलोशिप राशि के लिए आवेदन नहीं कर सकता है। छात्रों को जनवरी से मार्च तक की फेलोशिप नहीं मिली है। ऐसे में उक्त छात्र अपना खर्चा कहां से चलाएंगे। क्योंकि फेलोशिप राशि से ही वे अपनी उच्च शिक्षा की पढ़ाई का खर्चा उठा पाते हैं।