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जेएनयू वीसी का दावा, जल्दबाजी में नहीं लिया हॉस्टल फीस बढ़ाने का निर्णय
Mon, 13 Jan 2020 04:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 13 Jan 2020 04:52 AM IST
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जेएनयू वीसी
- फोटो : सोशल मीडिया
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जेएनयू के कुलपति प्रो. एम. जगदीश कुमार ने दावा किया है कि हॉस्टल फीस बढ़ाने का निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया गया था। इसके लिए वर्ष 2016 में एक समिति का गठन किया गया था। मुझे विश्वास है कि वार्डन स्तर पर इसे लेकर कई चर्चाएं हुईं।
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कुलपति का कहना है कि जो कुछ भी अतीत में हुआ, उसे छोड़ देना चाहिए। हमें विश्वविद्यालय के कामकाज को सही तरीके से चलाने और सकारात्मक भविष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले बाहरी लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। सभी वार्डनों से अनुरोध किया गया है कि वे ऐसे बाहरी लोगों की पहचान करें, जिससे कार्रवाई की जा सके।
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छात्रों को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन वह सभ्य तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने छात्रों से कक्षाओं में लौटने और अकादमिक गतिविधियों में भाग लेने की अपील की है। नए सेमेस्टर की कक्षाएं 13 जनवरी से शुरू हो जाएंगी।
प्रशासन ने फैकल्टी सदस्यों को विश्वविद्यालय में स्थिति सामान्य बनाने के लिए उठाए गए कदमों के विषय में भी बताया है। प्रशासन के अनुसार शिक्षक खुश हैं कि कक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। प्रशासन अब सकारात्मक रूप से आगे की ओर देख रहा है।
उधर, जेएनयू रेक्टर चिंतामणि महापात्रा ने कहा कि छात्रों को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि इसे नियम और कानून के तहत लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि छात्रों को बहिष्कार करने का अधिकार है, लेकिन परिसर में प्रवेश करने से फैकल्टी को रोकने का कोई अधिकार नहीं है।