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जेएनयू: नए हॉस्टल नियमों पर मचा घमासान, आयोजित बैठक में जबरदस्ती घुसे छात्र

Mon, 28 Oct 2019 10:46 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Mon, 28 Oct 2019 10:46 PM IST
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JNU administration drafted new hostel rule
जेएनयू में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों ने सोमवार को संवेदनहीनता की सारी हदें पार दीं। दरअसल सोमवार को नए हॉस्टल नियमों के ड्राफ्ट पर बैठक थी। छात्रसंघ समेत अन्य छात्र जबरदस्ती बैठक में घुस गए। इस पर गुस्साए छात्रों और डीन ऑफ स्टूडेंट प्रो. उमेश कदम की बहस हो गई। 

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गहमागहमी के बीच डीन ऑफ स्टूडेंट का ब्लड प्रेशर हाई होने के साथ सीने में दर्द होने लगा। सुबह पौने 11 बजे डीन ऑफ स्टूडेंट की तबियत खराब हुई पर शाम सात बजे उन्हें इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करवाया गया। प्रो. उमेश कदम का परिवार इस पूरे मामले से इतना आहत है कि छात्रों के खिलाफ अब पुलिस में शिकायत दर्ज करवाएगा।
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जेएनयू कन्वेंशन सेंटर में सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे से नए हॉस्टल नियमों के ड्राफ्ट को लेकर इंटर हॉस्टल एडमिनिस्ट्रेशन की बैठक थी। बैठक शुरू होने के साथ ही छात्रसंघ समेत अन्य छात्र जबरदस्ती बैठक में आ गए। 
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सिक्योरिटी ने रोकने की कोशिश की, लेकिन कमरे के बाहर हॉल में हजारों की संख्या में पहले से ही छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, इसलिए रोक नहीं पाए। बैठक के अंदर डीन ऑफ स्टूडेंट प्रो. कदम और छात्रों के बीच बाहर जाने को लेकर बहस हुई, जोकि बाद में धक्का-मुक्की में बदल गई।

हाथ जोड़कर इलाज करवाने की भीख मांगती रही पत्नी

डीन ऑफ स्टूडेंट प्रो. उमेश कदम ने बताया कि मीटिंग रूम से छात्रों को बाहर जाने को कहा था, लेकिन उन्होंने मेरे साथ दुर्व्यवहार और धक्कामुक्की की। मैं पहले से हाई ब्लड प्रेशर का मरीज हूं और दवा लेता हूं। मेरी तबियत खराब होने पर सिक्योरिटी ने एंबुलेंस के साथ मेरे पत्नी को बुला लिया। कन्वेंशन सेंटर से जेएनयू हेल्थ सेंटर तक करीब ढाई किलोमीटर का रास्ता एंबुलेंस को पार करने में साढ़े तीन से चार घंटे लगे। 

कन्वेंशन सेंटर से जेएनयू हेल्थ सेंटर तक एंबुलेंस में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आईषी घोष भी जबरदस्ती बैठ गई थीं। उनका कहना था कि डॉक्टरों पर भरोसा नहीं है। एंबुलेंस में मुझे ऑक्सीजन चढ़ाई जा रही थी, क्योंकि बीपी हाई के कारण सांस लेने में दिक्कत थी। पता होने के बाद भी उसने प्रदर्शनकारियों को एंबुलेंस के आगे से नहीं हटाया। 

हेल्थ सेंटर में छात्रों ने मेरी पत्नी के साथ दुर्व्यवहार किया और धक्का मारा। मेरी दो साल की बेटी व चौदह साल के बेटे के मन में इस हंगामे से कितना बुरा प्रभाव पड़ा होगा। छात्रों ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दी। सुबह 10.40 बजे तबियत खराब हुई और शाम सात बजे इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर में जाकर इलाज करवा पाया। मेरी पत्नी दो साल की बेटी को गोद में उठाए हाथ जोड़कर प्रदर्शनकारियों से मेरा इलाज करवाने की भीख मांगती रही। मेरा गुस्सा मेरे परिवार पर क्यों निकाला गया।

छात्रों के खिलाफ कार्रवाई होगी

विरोध करना छात्रों का अधिकार है पर गुस्से में उन्होंने डीन ऑफ स्टूडेंट को आपातकालीन स्थिति में इलाज मुहैया करवाने से रोका। दिनभर कन्वेंशन सेंटर, सड़क, हेल्थ सेंटर और फिर अस्पताल जाते हुए एंबुलेंस को रोकने के लिए सड़क पर बैठना। यह सब संवेदनहीनता की सारी हदें पार करना है। ऐसे छात्रों पर विश्वविद्यालय प्रबंधन सख्त कार्रवाई करेगा। 
-प्रो. एम जगदीश कुमार, कुलपति 

छात्रसंघ आज करेगा कक्षाओं का बहिष्कार 

नए हॉस्टल नियमों को लेकर छात्रसंघ ने मंगलवार को विश्वविद्यालय स्ट्राइक का एलान किया है। इसमें सभी वामपंथी छात्र संगठन भी शामिल होंगे। उधर, जेएनयू एबीवीपी भी नए हॉस्टल नियमों के विरोध में विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करेगा। छात्रसंघ के मंगलवार को कक्षाओं के बहिष्कार के ऐलान में जेएनयू शिक्षक यूनियन के कुछ शिक्षक भी जुड़ गए हैं।

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