जेएनयू: पुलिस की रणनीति रही नाकाम, छात्रों ने दिया चकमा, सभी बेरीकेड पार कर पहुंचे अरबिंदो मार्ग
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दिल्ली पुलिस विद्यार्थियों को जेएनयू के पास रोकने की रणनीति में पूरी तरह नाकाम रही। पुलिस को चकमा देकर विद्यार्थी संसद भवन से चंद किलोमीटर दूर अरबिंदो मार्ग पर पहुंच गए। हालांकि, उन्हें यहां से आगे न बढ़ने देने के लिए दिल्ली पुलिस ने पूरा जोर लगा दिया। इस दौरान आरएएफ, सीआरपीएफ के अलावा दिल्ली पुलिस के जवान मौजूद रहे। देर शाम तक विद्यार्थी अरबिंदो मार्ग पर धरने पर डटे हुए थे।
जेएनयू में प्रदर्शन की सूचना के बाद पुलिस अधिकारियों ने रणनीति के तहत जेएनयू के आसपास धारा 144 लगा दी। छात्र नेताओं तक संदेश भी पहुंचा दिया गया कि संसद तक मार्च निकालने की अनुमति नही है। इसके बावजूद छात्र पैदल मार्च निकालने पर अड़े रहे।
सुबह से ही पुलिस ने बाबा गंगनाथ मार्ग व नेल्सन मंडेला मार्ग को आम लोगों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया। जेएनयू कैंपस के पास तीन स्तरीय बेरीकेडिंग की गई। 33 एसएचओ, 15 एसीपी, आधा दर्जन से अधिक डीसीपी और संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। पहला बेरीकेड जेएनयू गेट के बाहर लगाया गया था। दोपहर 12 बजे छात्र इकट्ठा होकर गेट से बाहर निकले और सामने वाले बेरीकेड को तोड़ दिया। इसके बाद, वे बाबा गंगनाथ मार्ग पर केंद्रीय विद्यालय के सामने लगे दूसरे बेरीकेड पर पहुंचे और हंगामा करते हुए इसे तोड़ दिया।
नारेबाजी और हाथों में बैनर लिये विद्यार्थी भारतीय विदेश सेवा संस्थान के पास लगे तीसरे बेरीकेड की ओर बढ़े। वहां भी छात्रों ने खूब हंगामा किया। पुलिस ने बेरीकेड तोड़ने की कोशिश पर बल प्रयोग की चेतावनी दी। पुलिस ने छात्रों को जबरन पकड़कर बसों में बिठाना शुरू कर दिया तो वे पीछे हट गए।
इसके बाद रणनीति के तहत विद्यार्थी कॉलोनियों के अंदर वाले रास्तों से होते हुए नेल्सन मंडेला मार्ग पहुंचे। यहां इकट्ठा होकर छात्रों ने संसद की ओर कूच शुरू कर दिया। पुलिस ने भी छात्रों को रोकने का प्रयास नहीं किया।
आईएनए होते हुए छात्र अरबिंदो मार्ग पर पहुंचे तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें वहीं रुकने को कहा। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश थे कि उन्हें जेएनयू से आगे न बढ़ने दिया जाए, लेकिन उन्हें रोकने की पुलिस की रणनीति फेल हो गई।
पुलिस का लाठीचार्ज से इनकार
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने जेएनयू के विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज करने की बात से इनकार किया है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि पुलिस ने क्रूरता के साथ उन पर लाठीचार्ज किया। इसमें कई छात्रों को चोटें लगी हैं, जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
इस पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बेरीकेड तोड़ने के दौरान हो सकता है कि कुछ छात्र जख्मी हो गए हों। साथ ही, पुलिस छात्रों से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील कर रही थी।
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता और मध्य जिला पुलिस उपायुक्त मंदीप सिंह रणधावा ने बताया कि छात्रों से प्रदर्शन खत्म करने की बात लगातार की जा रही है। स्पेशल सीपी खुद छात्रों को समझाकर उन्हें सड़क से हटने के लिए मना रहे हैं।
छात्रों के प्रदर्शन की वजह से एम्स व सफदरजंग अस्पताल जाने वाले रास्ते पूरी तरह बंद हो गए हैं। ऐसे में लोगों को वहां जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अन्य वरिष्ठ अधिकारी विद्यार्थियों के पुलिस पर लगाए आरोपों की छानबीन की बात कह रहे हैं।