फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   jnu sedition case delhi government seeks one month time to grant sanction

जेएनयूः दिल्ली सरकार ने देशद्रोह का केस चलाने की अनुमति देने के लिए मांगा एक माह का समय

Wed, 03 Apr 2019 12:26 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 03 Apr 2019 12:26 PM IST
विज्ञापन
jnu sedition case delhi government seeks one month time to grant sanction
फाइल फोटो
जेएनयू देशद्रोह मामले की सुनवाई के दौरान आज दिल्ली सरकार के वकील ने अदालत ने देशद्रोह का केस चलाने की अनुमति देने के लिए एक माह का समय मांगा है। इस पर पटियाला हाउस कोर्ट ने सरकार को तय समय सीमा के साथ उचित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


जेएनयू देशद्रोह मामले की सुनवाई के दौरान आज दिल्ली सरकार के वकील ने अदालत ने देशद्रोह का केस चलाने की अनुमति देने के लिए एक माह का समय मांगा है। इस पर पटियाला हाउस कोर्ट ने सरकार को तय समय सीमा के साथ उचित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि पिछली सुनवाई में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी न मिलने से नाराज अदालत ने कहा था कि वह स्वयं सीधे सरकार से जवाब मांगेगी। दरअसल, अदालत के समक्ष पेश दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीएसपी प्रमोद कुशवाहा पेश हुए थे। उन्होंने कहा आरोपियों पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की इजाजत संबंधी फाइल दिल्ली सरकार के गृह विभाग के पास अभी भी लंबित है। सरकार को पत्र लिखकर जल्द इजाजत देने का आग्रह किया गया है।

पटियाला हाउस कोर्ट के मुख्य महानगर दंडाधिकारी दीपक सेहरावत ने बिना मंजूरी के आरोपपत्र दायर करने पर उस वक्त यह टिप्पणी की थी जब पुलिस ने बताया कि मंजूरी देना एक प्रशासनिक कार्रवाई थी और उसके बिना भी आरोपपत्र दायर किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा के उपायुक्त प्रमोद कुशवाहा ने अदालत के समक्ष कहा था कि एजेंसी ने मंजूरी मांगते हुए पहले ही दिल्ली सरकार को एक अनुरोध पत्र भेजा है, जो कि अभी भी लंबित है।

इस पर अदालत ने दिल्ली सरकार से जवाब तलब करने की बात कही थी। अदालत ने कहा यदि अनुमति नहीं थी तो आरोपपत्र दायर करने की जल्दी क्या थी। फिलहाल अब मंजूरी संबंधी मुद्दा पुलिस का नहीं है। अदालत स्वयं सरकार से जवाब तलब कर पूछेगी कि आखिर मंजूरी कब तक मिलेगी।

उसी के बाद बुधवार(3 अप्रैल) को हुई सुनवाई में जब अदालत ने अनुमति के बारे में सरकार से सवाल किया तो सरकारी वकील ने कहा कि यह मामला दिल्ली सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन है और अनुमति मिलने में करीब एक माह या अधिक का समय लग सकता है। अतः अदालत सरकार को उचित समय दे। इस पर अदालत ने निर्देश दिया कि सरकार इस मामले में तय समय सीमा में उचित जवाब दाखिल करे।

क्या है मामला

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने करीब तीन साल की जांच के बाद जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य समेत 10 आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह व अन्य धाराओं में मुकदमा चलाने की सरकारी अनुमति के बिना 14 जनवरी 2019 को आरोप पत्र दाखिल किया था।

मामला संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी की बरसी पर जेएनयू कैंपस में 9 फरवरी 2016 की रात आयोजित कार्यक्रम से जुड़ा है। इस मामले में कन्हैया, उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य को गिरफ्तार गया था और वह फिलहाल जमानत पर हैं।

इनके अलावा आरोप पत्र में सात कश्मीरी छात्रों मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, आकिब हुसैन, रईस, बशारत, उमर गुल, खालिद बशीर को भी नामजद किया गया है। इन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed