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जेएनयू राजद्रोह केस: मंजूरी मामले में पुलिस की भूमिका समाप्त, अब दिल्ली सरकार से पूछेगी कोर्ट

Sat, 30 Mar 2019 10:33 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Sat, 30 Mar 2019 10:33 AM IST
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JNU sedition case DCP special cell appear before patiala house court for filing of chargesheet
जेएनयू देशद्रोह मामला(फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला/एएनआई

दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने 2016 के जेएनयू राजद्रोह मामले पर सुनवाई करते हुए शनिवार को कहा कि मंजूरी के संबंध में शहर की पुलिस की भूमिका समाप्त हो गई और वह इसके बारे में अब दिल्ली सरकार से पूछेगी।

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चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दीपक सेहरावत ने यह टिप्पणी तब की जब पुलिस ने बताया कि मंजूरी देना एक प्रशासनिक कार्रवाई थी और उसके बिना भी आरोपपत्र दायर किया जा सकता है।
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दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा ने अदालत को बताया कि एजेंसी ने मंजूरी मांगते हुए पहले ही दिल्ली सरकार को एक अनुरोध पत्र भेजा है।

गौरतलब है कि अदालत ने डीसीपी के पेश नहीं होने पर दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई थी, उन्हें 2016 जेएनयू राजद्रोह मामले में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा गया था।

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दिल्ली पुलिस ने पहले अदालत को बताया था कि अधिकारियों ने जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य पर इस मामले में अभियोग चलाने की आवश्यक मंजूरी अभी नहीं दी है और मंजूरी लेने में दो से तीन महीने का समय लगेगा।

पुलिस ने 14 जनवरी को अदालत में कुमार और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दायर करते हुए कहा था कि, कन्हैया एक जुलूस का नेतृत्व कर रहे थे और उन्होंने नौ फरवरी 2016 को जेएनयू परिसर में एक कार्यक्रम के दौरान लगे राजद्रोही नारों का समर्थन किया। अदालत ने इस मामले को देख रहे पुलिस उपायुक्त से रिपोर्ट मांगी थी।

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने करीब तीन साल की जांच के बाद जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य समेत 10 आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह व अन्य धाराओं में मुकदमा चलाने की सरकारी अनुमति के बिना 14 जनवरी 2019 को आरोप पत्र दाखिल किया था। मामला संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी की बरसी पर जेएनयू कैंपस में नौ फरवरी 2016 की रात आयोजित कार्यक्रम से जुड़ा है।

इस मामले में कन्हैया, उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य को गिरफ्तार किया गया था। वह फिलहाल जमानत पर हैं। इनके अलावा आरोप पत्र में सात कश्मीरी छात्रों मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, आकिब हुसैन, रईस, बसारत, उमर गुल, खालिद बशीर को भी नामजद किया गया है। इन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया था।

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