जेएनयू नारेबाजी मामले में सामने आया नया विवाद, आरोपियों के साथ बैठे थे प्रोफेसर
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जेएनयू में देशविरोधी नारेबाजी के मामले में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जब जेएनयू में देशविराधी नारे लगाने के आरोपियों से पूछताछ की, तो उस दौरान जेएनयू के कुछ प्रोफेसर व छात्र नेता भी आरोपियों के साथ बैठे थे।
इससे पुलिस आरोपियों से ठीक से पूछताछ नहीं कर पाई और न ही आरोपियों ने पूछताछ में सहयोग किया। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जेएनयू में कुछ प्रोफेसर व छात्र नेता देशविरोधी नारे लगाने वाले आरोपियों का साथ दे रहे हैं।
पुलिस जल्द ही इस मुद्दे को कई जगह पर उठाएगी। पुलिस ने जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने वाले आठ कश्मीरी युवकों की पहचान की है। इनमें से छह रेगुलर पढ़ाई करने वाले छात्र हैं।
स्पेशल सेल अभी तक तीन कश्मीरी छात्रों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें जेएनयू में पढ़ने वाले दो छात्र खालिद वासिद व मुजीब अहमद गट्टू और जामिया में पढ़ने वाला कश्मीरी छात्र शामिल है।
चौथा आरोपी कश्मीरी छात्र अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ता है। अगले कुछ दिनों में उससे भी पूछताछ की जाएगी। इसके लिए स्पेशल सेल की टीम एएमयू जाएगी।
'जेएनयू के कुछ प्रोफेसर और छात्र नेता दे रहे हैं आरोपियों का साथ'
जेएनयू सूत्रों के अनुसार स्पेशल सेल की टीम जेएनयू में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्र खालिद व मुजीब से पूछताछ करने विश्वविद्यालय आई थी। इनसे पूछताछ के दौरान जेएनयू के दो से तीन प्रोफेसर व कुछ छात्र नेता साथ बैठे थे।
पुलिस ने पूछताछ में साथ बैठने पर ऐतराज भी किया था। मगर प्रोफेसर व छात्र नेता नहीं माने। हालांकि सीआरपीसी में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि कोर्ट के आदेश के बिना पुलिस पूछताछ के दौरान कोई आरोपी के साथ बैठे।
पुलिस अधिकारियों ने भी आरोपियों से पूछताछ के दौरान प्रोफेसर व छात्र नेताओं के बैठने की पुष्टि की है। अमर उजाला के पास पुलिस पूछताछ में बैठने वाले प्रोफेसर व छात्र नेताओं के नाम हैं।
जामिया के आरोपी कश्मीरी छात्र के साथ पूछताछ के दौरान जामिया के प्रॉक्टर बैठे थे। स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिन तीन कश्मीरी छात्रों से पूछताछ की गई, उन्होंने पुलिस जांच में सहयोग नहीं किया।
उन्होंने यही कहा कि जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने के लिए उन्हें किसी ने नहीं बुलाया था। वहीं, पुलिस दावा कर रही है कि कश्मीरी छात्रों को आरोपी उमर खालिद ने बुलाया था।