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Delhi NCR News: जेएनयू के प्रो बिमोल अकोइजाम बर्खास्त
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-यौन उत्पीड़न के मामले में विश्वविद्यालय की बड़ी कार्रवाई
-आंतरिक समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर कुलपति शांतिश्री डी पंडित ने जारी किया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। विश्वविद्यालय ने कांग्रेसी सांसद व प्रो. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह फैसला विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की जांच रिपोर्ट और उसकी सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।
कुलपति शांतिश्री डी पंडित ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश में प्रोफेसर की बर्खास्तगी को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है। अंगोमचा बिमोल अकोइजाम 2024 के आम चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर मणिपुर से 18वीं लोकसभा के संसद सदस्य चुने गए थे। वह जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स में कार्यरत थे।
जांच प्रक्रिया और निष्कर्ष
कुल ग्यारह छात्राओं ने अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के विरुद्ध यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन आरोपों की जांच विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने की थी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर समिति ने सेवा नियमों के तहत कड़ी सजा की सिफारिश की थी। विश्वविद्यालय ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया। इसके लिए यूजीसी के संबंधित संदर्भ और केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) के नियम 11(9) का उल्लेख किया गया है। हालांकि, आदेश में आरोपों की विस्तृत प्रकृति या जांच के दौरान सामने आए विशिष्ट तथ्यों का विवरण नहीं दिया गया है।
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एबीवीपी की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर एबीवीपी जेएनयू अध्यक्ष मयंक पांचाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जेएनयू प्रशासन की यह कार्रवाई छात्राओं के संघर्ष और उनकी शिकायतों का परिणाम है। पांचाल ने इसे महिला सुरक्षा के मुद्दे पर जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। एबीवीपी ने मांग की है कि छात्राओं को वास्तविक न्याय मिले और मामले में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाए।
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-आंतरिक समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर कुलपति शांतिश्री डी पंडित ने जारी किया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। विश्वविद्यालय ने कांग्रेसी सांसद व प्रो. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह फैसला विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की जांच रिपोर्ट और उसकी सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।
कुलपति शांतिश्री डी पंडित ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश में प्रोफेसर की बर्खास्तगी को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है। अंगोमचा बिमोल अकोइजाम 2024 के आम चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर मणिपुर से 18वीं लोकसभा के संसद सदस्य चुने गए थे। वह जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स में कार्यरत थे।
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जांच प्रक्रिया और निष्कर्ष
कुल ग्यारह छात्राओं ने अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के विरुद्ध यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन आरोपों की जांच विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने की थी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर समिति ने सेवा नियमों के तहत कड़ी सजा की सिफारिश की थी। विश्वविद्यालय ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया। इसके लिए यूजीसी के संबंधित संदर्भ और केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) के नियम 11(9) का उल्लेख किया गया है। हालांकि, आदेश में आरोपों की विस्तृत प्रकृति या जांच के दौरान सामने आए विशिष्ट तथ्यों का विवरण नहीं दिया गया है।
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एबीवीपी की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर एबीवीपी जेएनयू अध्यक्ष मयंक पांचाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जेएनयू प्रशासन की यह कार्रवाई छात्राओं के संघर्ष और उनकी शिकायतों का परिणाम है। पांचाल ने इसे महिला सुरक्षा के मुद्दे पर जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। एबीवीपी ने मांग की है कि छात्राओं को वास्तविक न्याय मिले और मामले में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाए।