फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   jnu gives a notice to student union president and joint secretary

यौन शोषण पर छात्रसंघ अध्यक्ष, संयुक्त सचिव को नोटिस

Wed, 30 Jul 2014 12:39 AM IST
Updated Wed, 30 Jul 2014 12:39 AM IST
विज्ञापन
jnu gives a notice to student union president and joint secretary

यौन शोषण मामले में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष अकबर चौधरी, संयुक्त सचिव सरफराज हामिद और आइसा सदस्य को जीएस कैश कमेटी ने मंगलवार को फिर एक नोटिस थमाया।

विज्ञापन


नोटिस में इनसे पूछा गया है कि कैंपस में पंफलेट बांटने और मीडिया में बयान देने पर उनका क्या कहना है।

विश्वविद्यालय में पीड़िता की शिकायत पर जांच को बेहद गोपनीय रखा जाता है और उसी जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी छात्र या कर्मी के भविष्य पर जेएनयू प्रबंधन फैसला लेता है। कमेटी सर्वोच्च न्यायालय के विशाखा गाइडलाइन के तहत गठित की गई है।
विज्ञापन

चुनावी तैयारियों के बीच गरमाया माहौल

jnu gives a notice to student union president and joint secretary

आइसा सदस्यों को कमेटी का नोटिस मिलते ही उन्होंने ज्यादातर पोस्टरों को कैंपस से हटा दिए हैं, जबकि पोस्टर के नीचे साफ लिखा था कि पांच अगस्त से पहले इसे न हटाया जाए।

बता दें कि जेएनयू में नया सत्र शुरू हो रहा है और छात्रसंघ चुनावों की तैयारियां भी जोरों पर हैं। इसी बीच छात्रसंघ अध्यक्ष और संयुक्त सचिव की शिकायत जीएस कैश में जाने से कैंपस में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

गौरतलब है कि कमेटी के समक्ष 24 जुलाई को एमए की छात्रा ने शिकायत दर्ज करवाई थी। मामले का खुलासा 27 जुलाई को हुआ, जब उक्त दोनों छात्रों को कमेटी का नोटिस मिला, जिसमें उन्हें पक्ष रखने का निर्देश दिया गया। इस नोटिस के आधार पर 28 जुलाई को दोनों छात्रों ने अपना पक्ष साफ कर दिया है।

एबीवीपी आज खोलेगी मोर्चा

jnu gives a notice to student union president and joint secretary

एबीवीपी बुधवार दोपहर 2:30 बजे एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक के सामने विरोध-प्रदर्शन करेगी। एबीवीपी सदस्य संदीप सिंह ने कहा कि जीएस कैश कमेटी के समक्ष ऐसी शिकायत आती है कि तो तुरंत प्रभाव से आरोपी छात्र या कर्मी को कैंपस से बाहर कर दिया जाता है, ताकि वह जांच को प्रभावित न कर सके।

छात्रा ने आरोप छात्रसंघ अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पर लगाए हैं, जोकि प्रभावशाली पद हैं। इसके बाद भी जेएनयू प्रबंधन मूकदर्शक बना हुआ है। संदीप ने आइसा पर पीड़िता को शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया।

जेएनयू के कुलपति प्रो. एसके सोपोरीने कहा कि ऐसे मामलों की जांच जीएस कैश कमेटी करती है। चाहे छात्रा हो या महिला प्रोफेसर या फिर कोई कर्मी। जेएनयू प्रबंधन कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई कर सकता है। अगर कमेटी हमें सुझाव देती है, तब कुछ एक्शन ले सकते हैं, उससे पहले नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed