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जेएनयू में सांप और बिच्छू से डरना मना है, जंगली जानवरों को बचाने के लिए किया जाएगा जागरूक

Fri, 09 Nov 2018 10:25 AM IST
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 09 Nov 2018 10:25 AM IST
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JNU campus not scare from snakes and scorpions, beware to save wild animals
जेएनयू में सांपों से सावधान रहने के लिए लगाया गया साइन बोर्ड। - फोटो : अमर उजाला

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में सांप और बिच्छू से डरना मना है। देश में पहली बार दाखिला आवेदन पत्र में डिग्री और सर्टिफिकेट प्रोग्राम की जानकारी के साथ-साथ जंगली जानवरों की भी जानकारी दी जाएगी। खास बात यह है कि फॉरेस्ट बेस्ड यूनिवर्सिटी होने के चलते जेएनयू छात्रों को जंगली जानवरों को न मारने की भी हिदायत देगा।

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सूत्रों के मुताबिक जेएनयू देश का पहला ऐसा कैंपस है जो शहरी क्षेत्र में होने के बाद भी उसे फॉरेस्ट बेस्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त है। अरावली की पहाड़ियों से सटे कैंपस एरिया में सांप व बिच्छू की दुर्लभ प्रजातियां मौजूद हैं। क्लास रूम, हॉस्टल और सड़क पर आए दिन छात्र इनसे रूबरू होते रहते हैं। कई बार डर के चलते छात्र इन्हें मार देते हैं। ऐसे वन्य जीवों के प्रति डर निकालने और उनको बचाने के लिए दाखिले से पहले छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिए यह कदम उठाया जाएगा। इसलिए विश्वविद्यालय प्रबंधन को प्रपोजल दिया गया है कि वे दाखिला आवेदन पत्र में जंगली जानवरों की जानकारी दें।  
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दुर्लभ वन्य जीव भी मौजूद  
जेएनयू जंगल एरिया में दुर्लभ वन्य जीव भी हैं। जंगल एरिया में नीलगाय, जंगली बिल्ली, हिरण, लोमड़ी, सोही, मोर, कुत्ते, तितली, गीदड़ समेत कई वन्य जीव रहते हैं। सांप की सबसे अधिक दुर्लभ प्रजातियां हैं। इनमें से कुछ जहरीले भी हैं। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी छात्रों को फॉरेस्ट बेस्ड यूनिवर्सिटी की जानकारी मिलेगी। इसमें छात्रों को जानकारी दी जाएगी कि इनसे डरने की बजाय वन्य जीव प्रेमी बनें। इनकी आजादी में खलल न डालें। सांप आपको डंसेंगे नहीं। फिलहाल अभी वेबसाइट पर नीलगाय, तोते, मोर आदि के बारे में ही बताया जाता है। 
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एबीसी कमेटी करती थी वन्य जीवों को बचाने पर काम  
सेंटर फॉर लॉ एंड गवर्नेंस व वन्य जीव प्रेमी, प्रो. अमिता सिंह ने बताया कि, जेएनयू एक फॉरेस्ट बेस्ड यूनिवर्सिटी है, जहां सांप, बिच्छू के अलावा दुर्लभ प्रजातियों के वन्य जीव रहते हैं। दाखिला आवेदन पत्र में छात्रों को जंगली जानवरों की जानकारी देनी जरूरी है। डर के चलते छात्र उन्हें मार देते हैं। कैंपस में वन्य जीव प्राणियों की सुरक्षा के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल कमेटी (राष्ट्रीय कमेटी : पर्यावरण व वन्य मंत्रालय) काम करती थी। इस कमेटी को कैंपस डेवलेपमेंट से जोड़ दिया गया। इसके चलते कोई काम नहीं हो रहा है।  

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