फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Jitendra of sunped village is in full police security

पुलिस के पहरे में जितेंद्र, रिश्तेदार भी नहीं मिल सकते

Sat, 24 Oct 2015 10:18 AM IST
Updated Sat, 24 Oct 2015 10:18 AM IST
विज्ञापन
Jitendra of sunped village is in full police security

सुनपेड़ मामले का पीड़ित जितेंद्र पुलिस के कड़े पहरे में पहुंच गया है। सिविल अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में आधा दर्जन पुलिस कर्मियों की निगहबानी में उसे रखा गया है। वार्ड के बाहर पुलिस और अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।

विज्ञापन


डॉक्टरों के अलावा वार्ड में किसी को जाने की इजाजत नहीं है। बृहस्पतिवार शाम जितेंद्र को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद सुनपेड़ गांव में शांति का माहौल रहा।
विज्ञापन


न नेताओं की आवाजाही हुई और न ही मीडिया का जमघट लगा। जितेंद्र के घर के अंदर आरएएफ और बाहर पुलिस के जवान तैनात थे।

तीन दिनों तक सुनपेड़ गांव में गहमागहमी का माहौल था। दलित बनाव सवर्ण को लेकर गांव में सियासत भी खूब गरमाई रही, लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के दौरे के बाद बृहस्पतिवार शाम अचानक जितेंद्र को सिविल अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि, इसके पीछे वजह उसकी बर्न इंजरी को बताया जा रहा है। लेकिन, माना यह भी जा रहा है कि मामले में सियासी दखल के चलते बढ़ रहे विवाद को कम करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। जितेंद्र की गैरमौजूदगी में शुक्रवार को सुनपेड़ गांव का माहौल शांत था।

न कोई नेता पीड़ित के घर का दौरा करने पहुंचा और न ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की फौज वहां दिखाई दी। वहीं, सिविल अस्पताल की तीसरी मंजिल पर बने आइसोलेशन वार्ड में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जितेंद्र को रखा गया है।

वार्ड के अंदर आधा दर्जन पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। वार्ड को अंदर से कुंडी लगाकर रखा जाता है ताकि कोई मिलने न आ सके। जितेंद्र के साथ उसके फूफा लेखराज को ही रहने की इजाजत है।

परिजन भी लौटाए वापस

Jitendra of sunped village is in full police security

बाहरी लोगों पर ही नहीं बल्कि जितेंद्र के रिश्तेदारों को भी आईसोलेशन वार्ड में घुसने की इजाजत नहीं है। मीडिया को भी बाहर से ही वापस किया जा रहा है। अस्पताल के डॉक्टरों को ही वार्ड के अंदर जाने की इजाजत है।

शुक्रवार दोपहर सुनपेड़ गांव से आए उसके रिश्तेदार विजय को भी पुलिसकर्मियों ने वार्ड के अंदर जाने से रोक दिया। वार्ड के अंदर मौजूद लेखराज ने विजय से गेट पर खड़े हो कर बातचीत की।

अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों का कहना है कि उन्हें आदेश मिला है कि किसी को भी अंदर नहीं आने दिया जाए। विजय ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम वह जितेंद्र के साथ उसे भर्ती कराने आया था। उसके नाम की रजिस्टर में एंट्री भी है, लेकिन अब उसे ही जितेंद्र से नहीं मिलने दिया गया।

एंटीबायोटिक व पेनकिलर दी जा रहीं

Jitendra of sunped village is in full police security

19-20 अक्तूबर की रात हुई आगजनी की घटना में जितेंद्र के दोनों हाथ जल गए थे। एक दिन तक वह सफदरजंग अस्पताल में रहा, जबकि दूसरे दिन वह घर लौट आया।

हालांकि, जितेंद्र को अस्पताल में भर्ती कराने की वजह अचानक तबियत खराब होना बताया जा रहा है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि आला अधिकारियों की तरफ से आए निर्देश के बाद यह कदम उठाया गया है।

अस्पताल में बिजेंद्र को एंटीबायोटिक और पेनकिलर दी जा रही है। पीएमओ डॉ. सुरेश चंद्र ने बताया कि उसकी बर्न इंजरी का इलाज किया जा रहा है। इंफेक्शन से बचाने के लिए आईसोलेशन वार्ड में रखा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed