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जेसिका लाल मर्डर: अब फैसला दिल्ली सरकार के हाथ में, हाईकोर्ट ने मनु शर्मा की याचिका का किया निपटारा
Mon, 21 Jan 2019 04:58 AM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राजेश सैनी
Updated Mon, 21 Jan 2019 04:58 AM IST
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manu sharma
- फोटो : फाइल फोटो
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हाईकोर्ट ने मॉडल जेसिका लाल हत्या मामले में दोषी सिद्घार्थ शर्मा उर्फ मनु शर्मा की जेल से जल्द रिहाई के आग्रह पर सोमवार को कोई आदेश न देते हुये उसका निबटारा कर दिया। हालांकि अदालत ने मनु शर्मा के आवेदन पर विचार करने का निर्देश सजा माफी बोर्ड (एसआरबी) को विचार करने का निर्देश दिया है। मनु शर्मा ने जल्द रिहाई के लिये हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
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न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने मनु शर्मा की याचिका का निबटार करते हुये एसआरबी को मार्च महीने में होने वाली बैठक में उसके आवेदन पर विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि नये जेल मैन्युअल के नियमों की रोशनी में आवेदन का निबटारा किया जाये।
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महरौली स्थित फार्म हाउस पर 29-30 अप्रैल 1999 की रात बीना रमानी के रेस्टोरेंट में जेसिका लाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। निचली अदालत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा के बेटे मनु शर्मा को निचली अदालत ने बरी कर दिया था लेकिन हाईकोर्ट ने उसे 2006 में हत्या को दोषी ठहराते हुये उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले पर 2010 में अपनी स्वीकृति दी थी।
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मनु शर्मा ने अधिवक्ता अमित साहनी के जरिये याचिका दायर कर सजा माफी बोर्ड के चार अक्तूबर तथा दिल्ली सरकार के सात दिसंबर 2018 के निर्णय को चुनौती देते हुये रद करने की मांग की थी। बोर्ड ने मनु शर्मा के आवेदन को खारिज कर दिया था और दिल्ली सरकार ने उसे सही ठहराया था।
पेश याचिका में कहा गया कि मनु शर्मा बिना छूट के 15 साल तथा पेरोल व फरलो के साथ 20 साल की सजा काट चुका है। इसके मद्देनजर वह जेल से जल्द रिहाई का हकदार है। याची का कहना है वह जल्द रिहाई की सभी शर्तें पूरी करता है लेकिन इसके बाद भी बोर्ड ने अनुचित व पक्षपातपूर्ण तरीके से उसका आवेदन खारिज कर दिया था।