JEE Advanced Exams: कोविड-19 लक्षण होने पर छात्र आइसोलेशन रूम में बैठकर देगा परीक्षा, यहां पढ़ें सभी नियम
जेईई एडवांस्ड 2020 के चेयरमैन और आईआईटी दिल्ली के प्रो. सिद्धार्थ पांडेय ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वासन दिया है कि परीक्षा टच फ्री और संक्रमण मुक्त होगी। इसके लिए सभी 23 आईआईटी ने मिलकर जेईई एडवांस्ड के सफल आयोजन के लिए विशेष एसओपी तैयार की है।
परीक्षा केंद्र में यदि किसी छात्र में हल्का सा भी कोविड-19 लक्षण दिखता है तो उसे घर भेजने की बजाय आइसोलेशन कमरे में परीक्षा का मौका मिलेगा। इन कमरों को सरकार की विशेष कोविड-19 गाइडलाइन के तहत तैयार किया जाएगा।
परीक्षा केंद्र में ऐसे कई आइसोलेशन कमरे बनाए जाएंगे। इसका मकसद अन्य छात्रों को सुरक्षित वातावरण में परीक्षा दिलवाना और सभी को परीक्षा में बैठने का मौका देना है। जेईई एडवांस्ड चेयरमैन प्रो. पांडेय के मुताबिक, हम छात्रों और अभिभावकों को यह सुनिश्चित करवाना चाहते हैं कि परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान और खत्म होने पर विशेष नियमों का पालन किया जाएगा।
इसके लिए सभी आईआईटी के डायरेक्टर, शिक्षक और कर्मी मिलकर तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा केंद्र में आईआईटी के सीनियर अधिकारी स्वयं मौजूद रहेंगे, ताकि किसी को कोई दिक्कत या परेशानी न हो। मैं स्वयं जेईई एडवांस्ड 2020 के दिन दिल्ली समेत एनसीआर के चार से अधिक सेंटर का औचक्क दौरा करके छात्रों और अभिभावकों को मिलूंगा।
एडवांस्ड की पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाये रखना जरूरी:
प्रो. पांडेय के मुताबिक, दुनियाभर में एडवांस्ड की पारदर्शिता, गुणवत्ता और भरोसे को भी बनाये रखना है। इसलिए कोरोना बचाव के साथ सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए परीक्षा लेनी होगी। परीक्षा के छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा हमारी पहली जिम्मेदारी और प्राथमिकता है। इसलिए छात्रों को परीक्षा से पहले साफ-सफाई, सामाजिक दूरी के नियम और संक्रमण बचाव में किन नियमों का पालन करना है, उसके लिए एसओपी जारी की जा रही है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छात्र को कम से कम सामान परीक्षा केंद्र लाना होगा।
छात्रों के बीच दो कंप्यूटर रहेंगे खाली:
केंद्र में एक छात्र से दूसरे छात्र केबीच छह फीट की दूरी को बनाये रखने के लिए बीच में दो कंप्यूटर खाली रहेंगे। परीक्षा में दोनों पेपर से पहले बैठने वाले एरिया, कुर्सी, टेबल, मॉनिटर, की-बोड, माउस, डेस्क, दरवाजे, हैंडल, व्हीलचेयर(दिव्यांग छात्रों के लिए) आदि को सेनिटाइज किया जाएगा।
- हर कमरे के बाहर और अंदर हैंड सैनिटाइजर रखे होंगे।
- परीक्षा केंद्र के बाहर से लेकर अंदर कमरे तक छात्रों को बैठने और खड़े होने की जगह पर गोल घेरे से चिह्नित किया गया होगा। इसका मकसद छात्रों को संक्रमण से बचाना है।
-परीक्षा केंद्र पहुंचने पर गेट पर ही सबसे पहले छात्र के साबुन से हाथ धुलवाएं जाएंगे। उसके बाद केंद्र पर तीन परत वाले मास्क और दस्ताने मिलेंगे। घर से पहने गए मास्क उतारने होंगे। इनको पहनना अनिवार्य होगा।
-एनटीए की तर्ज पर ही आईआईटी भी जेईई एडवांस्ड के दौरान अलग-अलग स्लॉट में छात्रों को परीक्षा केंद्र में बुलाएगा। इसका मकसद परीक्षा केंद्र के बाहर भीड़ को कम करना है। परिजन को परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े रहने की अनुमति नहीं होगी। स्थानीय पुलिस और प्रशासन इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए होमगार्ड, पुलिस के जवान तैनात रहेंगें।
बारकोड से एडमिट कार्ड स्कैन:
परीक्षा को मुन्ना भाइयों से बचाने के लिए परीक्षा केंद्र में बारकोड स्कैनर लगे होंगे। बिना किसी छात्र को छुए स्कैनर से एडमिट कार्ड स्कैन हो जाएगा। स्क्रीन पर छात्र की सारी जानकारी जांच अधिकारी केसामने होगी।
कोविड-19 नियम तोड़ने पर परीक्षा से बाहर:
यदि कोई छात्र परीक्षा केंद्र में कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं करता है तो उसे परीक्षा से बाहर कर दिया जाएगा। इसलिए एसओपी में छात्रों को सलाह दी गई है कि वे इन नियमों को अच्छे से पढ़ें और पालन करें।