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पुलिस पर विद्यार्थियों के निजी अंगों पर हमले का आरोप, जेसीसी ने लगाया आरोप

Thu, 13 Feb 2020 05:27 AM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: Mohit Mudgal Updated Thu, 13 Feb 2020 05:27 AM IST
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JCC accuses police of assaulting students private parts
Jamia protest - फोटो : Twitter
जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी (जेसीसी) ने 10 फरवरी के प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर रोकने की कोशिश में छात्रों के निजी अंगों को चोटिल करने का आरोप लगाया है। जामिया के जेसीसी ऑफिस में बुधवार को बुलाई गई प्रेस वार्ता में करीब 20 विद्यार्थी पहुंचे। छात्राओं ने भी पुलिस पर हमले और हिजाब फाड़ने का आरोप लगाते हुए मांग की कि इसके दोषी पुलिसवालों की जांच कर कार्रवाई की जाए। जेसीसी ने दिल्ली पुलिस से कहा है कि वह संसद मार्ग तक पैदल मार्च की तारीख खुद ही बता दे। उधर, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
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जामिया के विद्यार्थियों और आसपास के लोगों के संसद मार्च को पुलिस ने इलाके में ही रोक लिया था। इसके बाद काफी देर तक पुलिस और छात्रों में तनावपूर्ण हालात रहे थे। छात्रों ने मीडिया से कहा कि मार्च के दौरान पुलिस ने उन्हें गालियां भी दीं। छात्रा चंदा यादव ने कहा कि पुलिस वाले अत्याधुनिक ड्रेस व हथियारों से लैस थे। ये बेरिकेड के आगे खड़े हो गए। छात्र शांतिपूर्वक आगे बढ़ रहे थे, तभी उनमें से कुछ ने बूट, बैटन, फ्लैश रॉड और स्टील गियर आदि हथियारों से हमला कर दिया।
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इस करतूत को छिपाने के लिए पुलिस ने महिला पुलिसवालों का एक घेरा बना रखा था। पुलिस की इस बर्बरता से कई छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से चोटिल हो गए। उन्हें जामिया के अस्पताल ले जाया गया। यहां छात्रों की हालत देखकर उन्हें पास के अलशफा अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने भी छात्रों के गंभीर रूप से चोटिल होने की पुष्टि की है। अपनी चोट दिखाने के लिए चोटिल छात्र खुद प्रेस वार्ता में मौजूद रहे। छात्रों ने कहा कि सरकार का रवैया देखकर लगता है कि वह संविधान में बदलाव का प्रयास कर सकती है। पुलिस का रवैया ऐसा ही रहा तो छात्र बड़े आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे। छात्रों ने दिल्ली पुलिस से शांतिपूर्ण तरीके से पैदल मार्च निकालने की अनुमति मांगी है।
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उधर, दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी आरपी मीणा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूरे प्रदर्शन की रिकार्डिंग हो रही है। ऐसा काम किसी भी पुलिसकर्मी ने नहीं किया है। जो छात्र बेहोश हुए हैं, वे भगदड़ की वजह से हुए हैं। छात्र ही भगदड़ मचा रहे थे।


परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी

जेसीसी का आरोप है कि जो छात्र सीएए-एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं, पुलिस उनके परिवारवालों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रही है। छात्रों का दावा है कि पुलिस उन पर गलत आरोप लगाकर प्रदर्शन खत्म करने की धमकी देती है। पुलिस जेसीसी की बैठक की हर जानकारी होने का दावा करती है। कुछ ऐसे लोग पुलिस से मिले हुए हैं, जो जेसीसी की बैठकों की तस्वीरें उन्हें भेजते हैं।
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