जंतर मंतर: आमना-सामना हुआ तो हिरासत में लेकर बस में बैठाया, मगर पुलिस की नाक के नीचे से भाग गए प्रदर्शनकारी
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों में बैठाया। इसके बावजूद कई प्रदर्शनकारी बसों से निकलकर दोबारा प्रदर्शन में शामिल हो गए।
विस्तार
जंतर-मंतर रोड पर शनिवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच आमना-सामना हुआ। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों में बैठाया। इसके बावजूद कई प्रदर्शनकारी बसों से निकलकर दोबारा प्रदर्शन में शामिल हो गए।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाने की तैयारी की थी। उन्हें जंतर-मंतर रोड के पास रोककर हिरासत में ले लिया गया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर रखा था। आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे लोगों को बसों में बैठाया गया। कुछ प्रदर्शनकारी बस से बाहर निकल आए। नेहा बोरा समेत कई लोग फिर सड़क पर पहुंचे और दूसरे प्रदर्शनकारियों के साथ नारे लगाने लगे।
बार-बार लौटने का सिलसिला
प्रदर्शन में शामिल वरुण ने बताया कि मौका मिलते ही वे बस से बाहर आ गए। प्रदर्शनकारियों के बार-बार लौटने से पुलिस की कार्रवाई लगातार चलती रही। पुलिस एक ओर उन्हें हिरासत में ले रही थी। दूसरी ओर वे बसों से निकलकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंच रहे थे। इस दौरान सड़क पर कई बार धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी हुई।
बैरिकेड पर टकराव, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका
मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार झड़प हुई। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जबकि पुलिस बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक रही थी। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की। इसी दौरान धक्का-मुक्की के बीच एक बैरिकेड हवा में उछल गया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को पीछे किया और रास्ते को दोबारा घेर लिया। हिरासत में लिए जाने के दौरान योगेंद्र यादव ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार की छुट्टी नहीं होगी, तब तक वे भी छुट्टी नहीं लेंगे। नेहा बोरा ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोगों से लोकतंत्र और मतदान के अधिकार के लिए एकजुट होकर लौटने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों ने बदसलूकी का आरोप लगाया
पुलिस कार्रवाई को लेकर आइसा ने नेहा बोरा समेत कई महिलाओं के साथ बदसलूकी का आरोप लगाया। आइसा सदस्यों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान एक पुरुष पुलिस अधिकारी ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया। प्रदर्शनकारी काजल ने कहा कि वे शांतिपूर्वक मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस के रास्ता रोकने के बाद धक्का-मुक्की शुरू हुई। प्रदर्शनकारी नैना ने मामले की
महिला पत्रकार से बदसलूकी के आरोप में थाने के बाहर प्रदर्शन
शनिवार को मार्च की कवरेज कर रहे पत्रकारों और वैकल्पिक मीडिया से जुड़े कर्मचारियों को रोकने और एक महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी के आरोप को लेकर देर रात संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया गया।प्रदर्शनकारियों ने संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मार्च के दौरान पुलिस ने कवरेज कर रहे पत्रकारों को आगे जाने से रोका। इस दौरान एक महिला पत्रकार के साथ पुलिसकर्मी ने दुर्व्यवहार किया। घटना के विरोध में पत्रकार और अन्य लोग देर रात संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले की जांच कर पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।उनके अनुसार, पत्रकारों को अपना काम करने से नहीं रोका जाना चाहिए। साथ ही महिला पत्रकार के साथ कथित बदसलूकी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।