जंतर-मंतर पर भड़काऊ भाषण मामला: हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी को अदालत ने 17 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा
जंतर-मंतर पर भड़काऊ नारेबाजी मामले में पिंकी चौधरी ने मंगलवार को पुलिस के समक्ष सरेंडर किया था जिसके बाद उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था जो आज खत्म हो गई।
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जंतर-मंतर पर संप्रदाय विशेष के खिलाफ भड़काऊ भाषण के मामले गिरफ्तार हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी को अदालत ने 17 सितंबर तक के लिए जेल भेज दिया है। गौरतलब है कि पिंकी चौधरी ने मंगलवार को आत्मसमर्पण किया था जिसके बाद पुलिस ने उन्हें अदालत के सामने पेश किया था। अदालत ने उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा था जिसकी अवधि आज समाप्त हो रही थी। इसी के तहत गुरुवार को पुलिस पिंकी चौधरी को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें 17 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
Inflammatory sloganeering near Jantar Mantar in Delhi: A Delhi Court sends Hindu Raksha Dal president Pinki Chaudhary to judicial custody till September 17, 2021.
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— ANI (@ANI) September 2, 2021
मंगलवार को पिंकी चौधरी ने पुलिस के सामने किया था सरेंडर
अदालत ने जंतर मंतर भड़काऊ नारेबाजी मामले में हिंदू रक्षा दल के प्रमुख भूपिंदर तोमर उर्फ पिंकी चौधरी को बुधवार को एक दिन के पुलिस रिमांड में भेज दिया। पिंकी चौधरी ने मंगलवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था।
पटियाला हाउस अदालत के महानगर दंडाधिकारी प्रयांक नायक ने पिंकी चौधरी से एक दिन रिमांड में रखकर पूछताछ करने की अनुमति दी थी। हाईकोर्ट ने पिंकी चौधरी को गिरफ्तारी से राहत देने से इनकार कर दिया था। इससे पहले निचली अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल अंतिल ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि हम तालिबान राज्य नहीं है। हमारे देश में कानून का राज ही शासन का पवित्र सिद्धांत है। पूरा देश जब आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तब भी ऐेसे कुछ लोग हैं जो असहिष्णु और स्व: केंद्रित हैं।
अदालत ने कहा था कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। इस मामले में उसकी लिप्तता पेश की गई सामग्री से प्रथम दृष्टया साफ नजर आती है। इतिहास में ऐसी कई घटनाएं हैं जब सांप्रदायिक तनाव से दंगे हुए और आम लोगों के जान-माल का नुकसान हुआ।