फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Jantar Mantar inflammatory sloganeering case pinki chaudhary send to judicial custody till 17 september

जंतर-मंतर पर भड़काऊ भाषण मामला: हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी को अदालत ने 17 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा

Thu, 02 Sep 2021 05:20 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 02 Sep 2021 05:20 PM IST
सार

जंतर-मंतर पर भड़काऊ नारेबाजी मामले में पिंकी चौधरी ने मंगलवार को पुलिस के समक्ष सरेंडर किया था जिसके बाद उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था जो आज खत्म हो गई।

विज्ञापन
Jantar Mantar inflammatory sloganeering case pinki chaudhary send to judicial custody till 17 september
मामले की जानकारी देते पुलिस अफसर - फोटो : एएनआई

विस्तार

जंतर-मंतर पर संप्रदाय विशेष के खिलाफ भड़काऊ भाषण के मामले गिरफ्तार हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी को अदालत ने 17 सितंबर तक के लिए जेल भेज दिया है। गौरतलब है कि पिंकी चौधरी ने मंगलवार को आत्मसमर्पण किया था जिसके बाद पुलिस ने उन्हें अदालत के सामने पेश किया था। अदालत ने उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा था जिसकी अवधि आज समाप्त हो रही थी। इसी के तहत गुरुवार को पुलिस पिंकी चौधरी को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें 17 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन


मंगलवार को पिंकी चौधरी ने पुलिस के सामने किया था सरेंडर
अदालत ने जंतर मंतर भड़काऊ नारेबाजी मामले में हिंदू रक्षा दल के प्रमुख भूपिंदर तोमर उर्फ पिंकी चौधरी को बुधवार को एक दिन के पुलिस रिमांड में भेज दिया। पिंकी चौधरी ने मंगलवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था।


पटियाला हाउस अदालत के महानगर दंडाधिकारी प्रयांक नायक ने पिंकी चौधरी से एक दिन रिमांड में रखकर पूछताछ करने की अनुमति दी थी। हाईकोर्ट ने पिंकी चौधरी को गिरफ्तारी से राहत देने से इनकार कर दिया था। इससे पहले निचली अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी।


अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल अंतिल ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि हम तालिबान राज्य नहीं है। हमारे देश में कानून का राज ही शासन का पवित्र सिद्धांत है। पूरा देश जब आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तब भी ऐेसे कुछ लोग हैं जो असहिष्णु और स्व: केंद्रित हैं।

अदालत ने कहा था कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। इस मामले में उसकी लिप्तता पेश की गई सामग्री से प्रथम दृष्टया साफ नजर आती है। इतिहास में ऐसी कई घटनाएं हैं जब सांप्रदायिक तनाव से दंगे हुए और आम लोगों के जान-माल का नुकसान हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed