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सोमवार को पेश होगा शक्तिशाली जनलोकपाल

Sat, 28 Nov 2015 10:07 AM IST
Updated Sat, 28 Nov 2015 10:07 AM IST
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Jan Lokpal bill Will be presented on Monday

दिल्ली विस में सोमवार को आम आदमी पार्टी सरकार दिल्ली जनलोकपाल विधेयक, 2015 पेश करेगी। विधेयक को इस तरह से अंतिम रूप दिया गया है कि इसमें जनप्रतिनिधि के साथ-साथ सिर्फ दिल्ली सरकार के अधिकारी ही नहीं, डीडीए, दिल्ली पुलिस, एमसीडी समेत दिल्ली में स्थित सभी ऑफिस दायरे में आएंगे।

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सरकारी अधिकारियों को हर साल 31 जनवरी तक संपत्ति का ब्यौरा देना होगा। जो नहीं देगा, उसका फरवरी से वेतन रोक दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, जनलोकपाल कानून में मुखिया जनलोकायुक्त होगा और दो अन्य सदस्य होंगे।
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इनका चयन मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और नेता प्रतिपक्ष समेत चार सदस्यीय समिति करेगी। जनलोकायुक्त केलिए योग्यता उच्च न्यायालय का सेवानिवृत्त न्यायाधीश रखी जाएगी। पुराने लोकायुक्त के मुकाबले जनलोकायुक्त को अथाह शक्तियां दी जाएंगी।
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मुकदमा चलाने की मंजूरी भी जनलोकायुक्त ही देंगे

Jan Lokpal bill Will be presented on Monday

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जो विधेयक पेश करेंगे, उसके दायरे में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री भी आएंगे। जनलोकायुक्त का अपनी जांच टीम होंगी और मुकदमा चलाने की मंजूरी भी जनलोकायुक्त ही देंगे।


वहीं व्हिसिल ब्लोअर को सुरक्षा देने का प्रावधान भी जन लोकपाल विधेयक में किया गया है। बदनीयती से शिकायत करने वालों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान किया जा रहा है।

लेकिन शिकायत बदनीयती से की गई या नहीं इसका फैसला जनलोकायुक्त ही करेगा। आरोप सिद्ध नहीं होने पर भी जरूरी नहीं कि कार्रवाई नहीं हो, जन लोकायुक्त फैसला दे सकता है कि शिकायत सही थी, सिद्ध नहीं किया जा सका।

कानूनी रूप देना आसान नहीं

Jan Lokpal bill Will be presented on Monday

दिल्ली सरकार विस में दिल्ली जन लोकपाल विधेयक केन्द्र सरकार या उपराज्यपाल की मंजूरी के बिना पेश कर रही है। फिर केन्द्रीय जन लोकपाल कानून के प्रावधान से टकराव की स्थिति भी इसमें है।


ऐसे में विधानसभा में बिल पास करने में दिक्कत नहीं होगी क्योंकि बहुमत है। लेकिन कानूनी रूप देने केलिए इस बिल को केन्द्र सरकार के पास भेजना होगा, जहां से मंजूरी मिलने की संभावना नहीं के बराबर है।

सिर्फ दिल्ली सरकार के अधिकारी दायरे में रखने की बजाय उसमें डीडीए, दिल्ली पुलिस और एमसीडी के अधिकारी लाए जाने को लेकर बिल की मुश्किलें और बढ़ेंगी।

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