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नागरिकता कानून विरोध: इंडिया गेट पर एकजुट हुए छात्र-शिक्षक, निकाला कैंडल मार्च

Tue, 24 Dec 2019 12:55 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 24 Dec 2019 12:55 AM IST
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jamia Students and teachers take out candle march at India Gate in protest against citizenship law
नागरिकता कानून के खिलाफ छात्रों और शिक्षकों ने निकाला कैंडल मार्च - फोटो : Amar Ujala

तू जिंदा है...तू जिंदा है, तू जिंदगी की जीत पर यकीन कर। अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला जमीं पर। ये गम के हैं चार दिन, सितम के और चार दिन। ये दिन भी जाएंगे गुजर, गुजर गए हजार दिन। तू जिंदा है...। ये बोल सोमवार शाम नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट पर उस वक्त सुनाई दिए, जब जामिया टीचर्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित कैंडल मार्च में शामिल होने लोग पहुंचे। 

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नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में भारी तादाद में जामिया, एएमयू, डीयू और जेएनयू के छात्र भी पहुंचे। सभी ने एक सुर में सीएए-एनआरसी को तत्काल हटाने की मांग की। सीपीआई नेता सीताराम येचुरी ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। कैंडल मार्च के बाद प्रदर्शनकारियों ने इंडिया गेट पर कैंडल से भारत का नक्शा भी बनाया। 
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इस बीच लोगों ने जामिया विवि परिसर में हुई पुलिस कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को दोषी पुलिस अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सख्त कार्रवाई करने की जगह तरह- तरह की बातें कर राजनीति कर रहे हैं। प्रदर्शन में भारी भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। 
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राजघाट पर कांग्रेस का सत्याग्रह 

jamia Students and teachers take out candle march at India Gate in protest against citizenship law
congress satyagrah - फोटो : अमर उजाला

नागरिकता (संशोधन) कानून के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने राजघाट पर सत्याग्रह किया। पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस मौके पर भारतीय संविधान में आस्था जाहिर करते हुए प्रस्तावना पढ़ी। इस मौके पर बापू के पसंदीदा भजन गाए गए। साथ ही महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, डॉ. अंबेडकर की पुरानी तस्वीरों को मानव श्रृंखला के जरिये दिखाते हुए संविधान के प्रति अपनी आस्था जताई। 

संविधान की प्रस्तावना पढ़ने वालों में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, केसी वेणुगोपाल, आनंद शर्मा, दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, अशोक गहलोत, महाराष्ट्र के मंत्री बाला साहब थोराट समेत अन्य थे। सत्याग्रह में उपस्थित मध्य प्रदेश, राजस्थान के मुख्यमंत्रियों सहित महाराष्ट्र के एक मंत्री ने भी सीएए को अपने राज्यों में नहीं लागू करने की प्रतिबद्धता जताई। 

हर तरफ तिरंगा लहराया, देशभक्ति का जज्बा 
सत्याग्रह स्थल के पास हर तरफ तिरंगा टोपी, झंडा, साफा पहने कार्यकर्ता सीएए पर अलग अलग तरह से विरोध दर्ज कर रहे थे। हाथों में तिरंगा लहराते हुए कोई इस कानून से आजादी की मांग करता दिखा तो कई ऐसे भी थे जिन्होंने पोस्टरों के जरिये अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ रही है। वास्तव में यह कानून देश को बांटने वाला है। 

आंदोलन के शहीदों के लिए लें संकल्प: प्रियंका 
प्रियंका गांधी ने बिजनौर के 22 वर्षीय अनस का नाम लेते हुए कहा कि आंदोलन में शहीद होने वाले बच्चों के लिए संकल्प ले। अनस की शादी कुछ समय पहले हुई थी और कॉफी बेचकर कमाई कर रहा था। 21 वर्षीय सुलेमान जो यूपीएससी के लिए पढ़ाई कर रहा था, उसकी मां की जुबां से यही बात निकल रही है कि मेरा बेटा वतन के लिए शहीद हुआ है। 

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