नई दिल्ली। जामिया मिलिया इस्लामिया ने ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने और छात्रों की सुविधा के लिए बृहस्पतिवार से एक नई डिजिटल पहल शुरू की है। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय ने घोषणा की है कि सभी पास-आउट छात्रों (सामान्य, निजी और डिस्टेंस मोड कोर्स) के लिए प्रोविजनल प्रमाण पत्र केवल विश्वविद्यालय के स्टूडेंट पोर्टल (https://jmicoe.in) के माध्यम से जारी किए जाएंगे। यह सेवा 25 सितंबर से प्रभावी हो गई है।
जामिया के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य कागजी कार्रवाई को कम करना, समय की बचत करना और प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया को पारदर्शी व सहज बनाना है। ऐसे में छात्रों को विश्वविद्यालय कार्यालय में आने या लंबे समय तक प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने प्रोविजनल प्रमाण पत्र को कुछ ही मिनटों में कहीं से भी डाउनलोड कर सकेंगे। छात्रों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसमें उन्हें प्रमाण पत्र शुल्क के लिए 50 और ऑटोमेशन चार्ज के लिए 250 रुपये यानी कुल 300 रुपये का भुगतान करना होगा। भुगतान के तुरंत बाद प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। यह सेवा 24x7 उपलब्ध रहेगी जिससे छात्र अपनी सुविधानुसार आवेदन कर सकेंगे। इसको लेकर परीक्षा नियंत्रक प्रो. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि यह डिजिटल पहल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक कुशल और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे स्नातक, दुनिया के किसी भी कोने से अपने दस्तावेज आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।