तिहाड़ जेल से रिहा की गई दंगों की आरोपी सफूरा जरगर, मानवीय आधार पर मिली है जमानत
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उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा मामले में गिरफ्तार जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी की सदस्य सफूरा जरगर को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया है। उसे मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने मानवीय आधार पर जमानत दे दी थी, जिसके बाद बुधवार शाम उसे जेल से छोड़ दिया गया।
Delhi: Jamia Coordination Committee member Safoora Zargar has been released from Tihar Jail. She was granted bail by the Delhi High Court yesterday in connection with a case related to the violence which broke out in Delhi in February this year. pic.twitter.com/6DKBJDASvo
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— ANI (@ANI) June 24, 2020
जमानत के साथ ही अदालत ने उसे निर्देश दिया था कि वह ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल न हो जिससे हिंसा मामले की जांच-पड़ताल में बाधा आए। अदालत ने यह भी कहा था कि वह दिल्ली से बाहर नहीं जा सकती है। इसके लिए पहले उसे अनुमति लेनी होगी।
जमानत भले ही मिल गई हो, लेकिन अदालत ने सफूरा को जांच अधिकारी से बराबर संपर्क में रहने को कहा है। साथ ही कहा है कि उसे 10 हजार रुपये का निजी मुचलका भरना पड़ेगा और इतनी ही राशि की श्योरिटी भी भरनी होगी।
बता दें कि फरवरी में नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में कथित भूमिका के लिए सफूरा जरगर को पुलिस ने यूएपीए कानून के तहत 10 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद सफूरा ने गर्भावस्था को आधार बनाते हुए निचली अदालत में जमानत याचिका दायर की थी।
अदालत ने चार जून को याचिका खारिज करते हुए कड़ी टिप्पणी कि थी कि अंगारे से खेलने वाले चिंगारी फैलने के लिए हवा को दोष नहीं दे सकते। इसी फैसले को सफूरा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।