कहा- नदियों को एक संसाधन मानना गलत
नई दिल्ली। भारत नदियों का देश है, नदियां हमारी संवेदना और संस्कृति की धारा हैं। यह बात केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने एक कार्यक्रम के उद्घाटन में कही। बृहस्पतिवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) में छठे नदी उत्सव का शुभारंभ हुआ। इसी कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि इन्हें केवल संसाधन मानना गलत है, ये हमारी परंपरा, आस्था और जीवन का आधार हैं। सरकार नदियों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए शॉर्ट टर्म, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म योजनाओं पर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वॉटर विजन@2047 को साकार करने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। इस मौके पर पांचवें नदी उत्सव के शोधपत्रों के संकलन और नदी उत्सव से जुड़ा विशेष पोर्टल जारी किया गया। इस दौरान विशेष अतिथि के रूप में इस्कॉन के आध्यात्मिक गुरु गौरांग दास, सामाजिक कार्यकर्ता साध्वी विशुद्धानंद (भारती दीदी) और आईजीएनसीए अध्यक्ष रामबहादुर राय मौजूद रहें। ब्यूरो