फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Jahangirpuri News Update: MCD Follows Bulldozer Model of Yogi Government, Supreme Court Halts Actions

बुलडोजर पर सियासत: आप का आरोप- भाजपा नेताओं ने पहले रिश्वत लेकर बस्तियों को बसाया, गलती छिपाने के लिए अब कार्रवाई की

Wed, 20 Apr 2022 02:22 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Wed, 20 Apr 2022 02:22 PM IST
सार

आम आदमी पार्टी नेता राघव चड्डा ने 'बुलडोजर न्याय' पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा नेताओं ने पहले रिश्वत लेकर इन बस्तियों को बसने दिया और आज इन्हें गिराने की कार्रवाई कर अपनी उस गलती को छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के उन नेताओं के घर पर भी बुलडोजर चलना चाहिए, जिन्होंने इन इलाकों में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या मुसलमानों को बसने दिया...

विज्ञापन
Jahangirpuri News Update: MCD Follows Bulldozer Model of Yogi Government, Supreme Court Halts Actions
जहांगीरपुरी में बुलडोजर कार्रवाई - फोटो : Agency

विस्तार

योगी आदित्यनाथ का 'बुलडोजर' मध्यप्रदेश के रास्ते होते हुए अब देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गया। रविवार को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद अचानक नगर निगम की नींद खुली और उसने आनन-फानन में अपने क्षेत्र के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस कार्रवाई पर यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश जारी किया। आदेश जारी होने के बाद भी यह कार्रवाई तब रुकी जब वृंदा करात कोर्ट का ऑर्डर लेकर जहांगीरपुरी पहुंचीं। स्पेशल सीपी दीपेंद्र पाठक का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बारे में पता चलते ही बुलडोजर की कार्रवाई रोक दी गई है।

विज्ञापन


हालांकि एक दिन पहले ही इस इलाके में बुलडोजर चलाने की चेतावनी दी जा चुकी थी। वहीं लोगों का आरोप है कि कार्रवाई से पहले उन्हें अपना सामान तक हटाने का समय नहीं दिया गया। भाजपा इसे दिल्ली की 'सफाई' बता रही है तो विपक्ष इसे अन्यायपूर्ण कार्रवाई बता रहा है। जिन अवैध बस्तियों को उजाड़ा गया, उनमें से ज्यादातर पिछले 15 के दौरान बसाई गई हैं।  

विज्ञापन

भाजपा नेताओं ने बसाई थीं बस्तियां: राघव चड्ढा

आम आदमी पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेताओं ने पहले रिश्वत लेकर इन बस्तियों को बसने दिया और आज इन्हें गिराने की कार्रवाई कर अपनी उस गलती को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के उन नेताओं के घर पर भी बुलडोजर चलना चाहिए, जिन्होंने इन इलाकों में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या मुसलमानों को बसने दिया। चड्डा ने भाजपा पर सांप्रदायिक हिंसा कराने का आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा मुख्यालय पर भी बुलडोजर चलाना चाहिए। इससे पूरे देश में जगह-जगह हो रही सांप्रदायिक हिंसा रुक जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

भाजपा ने किया स्वागत

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ल ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई संविधान और कानून के अनुसार हो रही है, लिहाजा इसे दिल्ली को अतिक्रमण से मुक्त किये जाने के प्रयास के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरा देश और दिल्ली यह बात समझती है कि इन अवैध बस्तियों से आपराधिक गतिविधियों को संचालित किया जा रहा था, इसलिए आज हुई इस कार्रवाई का स्वागत किया जाना चाहिए।

गुरुवार की सुनवाई पर निगाह

सर्वोच्च न्यायालय ने पीड़ितों की सुनवाई करते हुए फिलहाल बुलडोजर की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। सर्वोच न्यायालय ने यथास्थिति बनाये रखने का निर्देश दिया है। इस मामले पर गुरुवार सुबह सुनवाई होगी, जिसके बाद इस मामले का भविष्य साफ हो सकेगा।

कार्रवाई रुकने की संभावना कम

दिल्ली हाई कोर्ट में वकील दर्शन ने कहा कि पक्षकारों के आगे जब सुनवाई होगी तो भी इस मामले में राहत मिलने की उम्मीद कम है। इसका कारण यह है कि सर्वोच्च न्यायालय इसके पहले भी दिल्ली के अवैध घुसपैठियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें देश से बाहर निकालने की बात करता रहा है। पीड़ितों को अदालत में जाने से अधिकतम फायदा यही मिल सकता है कि उन्हें कुछ और समय मिल जाये, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के फैसलों को देखते हुए उन्हें कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

वैकल्पिक निवास देने की मांग

इसी बीच, विभिन्न संगठन इस बुलडोजर कार्रवाई को रोकने के लिए अलग-अलग स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय के अलावा निगम और पुलिस के उच्चाधिकारियों से भी इस बात की अपील की जा रही है कि इस तरह की बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगनी चाहिए। पीपल्स यूनियन फ़ॉर सिविल लिबर्टीज, दिल्ली नामक संगठन ने NDMC के शीर्ष अधिकारियों को ज्ञापन देकर इस तरह की तोड़फोड़ कार्रवाई को रोकने की अपील की है। संगठन के पदाधिकारी एनडी पंचोली ने कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय के अनेक दिशानिर्देश में भी यह बात साफ हो चली है कि बिना वैकल्पिक निवास की व्यवस्था किए अवैध बस्तियों से लोगों को हटाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जिन बस्तियों को तोड़ने की कार्रवाई हो रही है, उन लोगों को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed