जगदीश टाइटलर मैदान छोड़कर भागे
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दिल्ली में प्राइमरीज प्रक्रिया से कांग्रेस प्रत्याशी चयन में उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट पर सांसद जेपी अग्रवाल का मुकाबला अब पूर्व सांसद जगदीश टाइटलर से नहीं होगा। टाइटलर ने दावेदारी वापस ले ली है, लेकिन पूर्व विधायक राजेश लिलौठिया अभी मैदान में डटे हुए हैं।
बैलेट पेपर और मतदाता सूची फाइनल किए जाने से पूर्व जगदीश टाइटलर का नाम वापस लिए जाने को कांग्रेस आलाकमान के निर्देश से जोड़कर देखा जा रहा है। जेपी अग्रवाल को चुनाव निशान हवाई जहाज दिया गया है और राजेश लिलौठिया को बैट मिला है। टाइटलर के नाम वापस लेने से पार्टी के भीतर कई सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि अगर आलाकमान ही दिशा-निर्देश दे रहा है तो फिर यह प्राइमरीज प्रक्रिया महज छलावा है।
टाइटलर के हटने के बाद उत्तर पूर्वी दिल्ली संसदीय सीट से सांसद जेपी अग्रवाल का मुकाबला अब राजेश लिलौठिया से है। 11 मार्च को सम्मेलन होगा जिसमें अग्रवाल और लिलोठिया पार्टी मतदाताओं के सामने अपना-अपना विजन रखेंगे। फैसला 365 वोटर करेंगे। इसमें से 149 मतदाताओं के नाम व समर्थन अग्रवाल ने प्रस्तावक के तौर पर पहले ही दे रखा है।
मैदान छोड़ने का क्या असली कारण?
सूत्र बताते हैं कि पूर्व सांसद टाइटलर के मैदान में डटे रहने की दशा में मुकाबला कड़ा हो सकता था, लेकिन उनके मैदान में उतरने से सिख दंगों का जिन्न फिर से निकलने का डर पार्टी नेताओं को सताने लगा।
बताया गया कि बुधवार रात को आलाकमान और स्थानीय नेताओं के साथ टाइटलर की बैठक हुई, जिसमें कहा गया कि उनका नामांकन केन्द्रीय चुनाव समिति रद्द कर सकती है, इसलिए वापस लें।
मतदान की प्रक्रिया के बारे में निर्वाचन अधिकारी राजपाल सिंह बिष्ट बताते हैं कि पहली पसंद और दूसरी पसंद बैलेट पेपर पर मतदाता लिखेंगे। वैसे तो चयन फाइनल हो जाएगा, लेकिन टाई रहता है तो दूसरी पसंद के हिसाब से चयन किया जाएगा।