'अगर सेक्स रैकेट से संबंध साबित हुआ तो राजनीति से ले लूंगा संन्यास'
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दक्षिणी दिल्ली में पकड़े गए हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट में पुलिस को राजनीतिज्ञों की भूमिका नहीं मिली है। रैकेट के सरगना के घर से मिला सांसद जगदंबिका पाल का लैटर हेड और उस पर उनके हस्ताक्षर भी फर्जी है।
पुलिस को रैकेट के सरगना कर्नल पीएन सान्याल के घर से सांसद जगदंबिका पाल का लेटरहेड और राज्यसभा सदस्य नरेश अग्रवाल के नाम से भेजे गए एसएमएस मिले हैं।
जगदंबिका पाल ने शनिवार को यहां पत्रकारों को बताया कि आरक्षण की सिफारिश के लिए उनका जो लेटरहेड मिला है वह फर्जी है।
टेलीफोन कॉल साबित हो जाए तो वह राजनीति
उस पर हस्ताक्षर भी उनके नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को जांच किए बिना किसी का नाम इस तरह नहीं लेना चाहिए था।
उन्होंने दिल्ली पुलिस की गृहमंत्री से शिकायत की है। उन्होंने कहा, यदि उनका रैकेट के संचालक से कभी कोई संपर्क, टेलीफोन कॉल साबित हो जाए तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
उन्होंने दिल्ली पुलिस का 21 जुलाई को जारी किया गया स्पष्टीकरण भी दिया जिसमें कहा गया है कि सान्याल के केस में किसी राजनीतिक की भूमिका नहीं पाई गई है।