जिसके खिलाफ लड़े केजरीवाल उसी को भेजा ACB
दिल्ली सरकार ने दिल्ली पुलिस के जिस इंस्पेक्टर को निलंबित व थानाध्यक्ष पद से हटाने को लेकर दो दिन लगातार धरना दिया था वह इंस्पेक्टर अब दिल्ली सरकार के अधीनस्थ काम करेगा।
दूसरा भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) का नया चीफ बदलने को सीएनजी फिटनेस घोटाले से भी जोड़कर देखा जा रहा है। एसीबी सूत्रों ने दावा किया है कि एसीबी सीएनजी फिटनेस घोटाले में एफआईआर दर्ज करने वाली थी। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का बयान भी इस ओर इशारा कर रहा है।
बतौर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने पहले 49 दिन केकार्यकाल में रेल भवन के सामने दो दिन तक लगातार धरना दिया था। उस समय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली पुलिस के तीन थानाध्यक्षों को हटाने व उन्हें निलंबित करने की मांग कर रहे थे।
इनमें एसीबी में भेजे गए इंस्पेक्टर रिछपाल मीणा भी थे। रिछपाल उस समय सागरपुर थाने के थानाध्यक्ष थे। सागरपुर में एक महिला को ससुरालवालों ने जला दिया था। उस समय की मंत्री राखी बिड़ला महिला के घर गई थीं।
रिछपाल को हटाने की केजरीवाल ने की थी मांग
ठीक से पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रिछपाल को हटाने को मांग की थी। हालांकि केजरीवाल की मांग के आगे दिल्ली पुलिस झुकी नहीं थी। इंस्पेक्टर को कुछ दिन की छुट्टी पर भेज दिया गया था।
एसीबी सूत्रों का कहना है कि सीएनजी फिटनेस घोटाले को लेकर एसीबी आजकल में एफआईआर दर्ज करने वाली थी। इसमें कुछ बड़े लोगों के नाम सामने आने की बात कही जा रही थी।
इस कारण एसीबी चीफ को बदला गया है। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार शाम को इस तरह का बयान भी दे दिया कि सीएनजी घोटाले की जांच से डरकर दिल्ली पुलिस ने एसीबी में अफसर भेजे हैं।
दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस अधिकारियों की दलील है कि एसीबी में अधिकारियों की कमी है, इस कारण एसीबी में पुलिस अफसर भेज गए हैं। दिल्ली सरकार की मांग पर और पुलिस अफसर भेजे जा सकते हैं।