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आईटी सेक्टर में देख रहे भविष्य तो आपके लिए है खतरे के संकेत

Fri, 20 Nov 2015 07:56 PM IST
यशलोक सिंह/अमर उजाला, गुड़गांव
यशलोक सिंह/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Fri, 20 Nov 2015 07:56 PM IST
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IT sector has faltered in the economic capital of Haryana.

हरियाणा की आर्थिक राजधानी में आईटी-बीपीओ सेक्टर लड़खड़ाने लगा है। यह वही सेक्टर है जिसने गुड़गांव को ऊंची उड़ान दी। मगर आज वह खुद की हालत पर चिंतित है।

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आईटी-बीपीओ को विदेश से मिलने वाला काम काफी कम हो गया है। आए दिन कोई न कोई कंपनी यहां से दूसरे राज्यों को पलायन कर रही हैं। विशेषज्ञों का मत है कि अगर ऐसा लंबे समय चला तो गुड़गांव में इस सेक्टर की रीढ़ ही टूट जाएगी।
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गुड़गांव में आईटी-बीपीओ सेक्टर में नई कंपनियों के विस्तार का नामोनिशान नहीं दिख रहा है। यहां की सॉफ्टवेयर कंपनियां अपने लिए विकल्प तलाशने में जुट गई हैं।
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शहर की एक नामी सॉफ्टवेयर कंपनी भी अपने लिए गुड़गांव का विकल्प तलाश चुकी है। इसके लिए उसने जयपुर में भी ऑफिस ले लिया है। इस फेहरिस्त में और भी कंपनियां हैं।

ऐसे लग रहा है गुड़गांव को झटका

IT sector has faltered in the economic capital of Haryana.

हरियाणा के सभी सेक्टरों का कुल निर्यात 60 हजार करोड़ रुपये है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा आईटी-बीपीओ सेक्टर का है। अगर इस सेक्टर का पांव गुड़गांव से उखड़ गया तो प्रदेश की आर्थिक राजधानी का जो रुतबा गुड़गांव को मिला है वह छिन जाएगा।

दुनिया भर में धूम मचाने वाले गुड़गांव को एशिया के छोटे-छोटे देश भी अब चुनौती देने लगे हैं। इनमें थाइलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया और सिंगापुर के नाम प्रमुख हैं। वहां आईटी-बीपीओ का शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो गया है।

यही नहीं वह पश्चिमी देशों कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन से कारोबार भी हासिल करने लगे हैं। गुड़गांव के आईटी-बीपीओ हब को सबसे अधिक कारोबार (आउटसोर्सिंग) अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जैसे पश्चिमी देशों से होता है। अब इसमें एशिया के इन छोटे देशों की भी हिस्सेदारी हो गई है।

-जीई गुड़गांव से अपना कारोबार जयपुर ले गई
-आईबीएम ग्लोबल सर्विसेज भी जयपुर गई
-एरिक्शन कंपनी भी कोलकाता का रुख कर रही है
-टेक महिंद्रा ने अपना हेडक्वार्टर गुड़गांव से हटा पूणे में स्थापित किया
-सिलिकल वैली सिस्टेक, अराना कैपिटल और मैसवेल भी गुड़गांव से इंदौर गईं
-जेडटीई टेलिकॉम अब अहमदाबाद में विस्तार कर रही है।

यहां से मिल रही है चुनौती

IT sector has faltered in the economic capital of Haryana.

मलेशिया के शहर पुत्रजय में बेहतरीन आईटी हब है। यह हब दुनिया की बड़ी आईटी-बीपीओ कंपनियों को आकर्षित कर रहा है। गुड़गांव में कोई नई आईटी-बीपीओ कंपनी नहीं आ रही है।

ना ही यहां सरकार द्वारा कोई राहत दी जा रही है। यहां रीयल एस्टेट महंगा होने के कारण ऑफिस स्थल काफी महंगा है। थाईलैंड की राजधानी बैंकाक भी आईटी क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। अब चीन भी अपनी भाषाई समस्या से निजात पाने लगा है। वहां के आईटी हब से भी भारत को तगड़ी चुनौती मिलने जा रही है।

आईटी कारोबार पर एक नजर-
गुड़गांव के आईटी-बीपीओ हब ने अपना सफर 11,000 करोड़ रुपये से शुरू किया था। जो वर्ष 2008-09 में 15,000 करोड़ रुपये, वर्ष 2011-12 में 21,400 करोड़, वर्ष 2012-13 में 25,000 करोड़ रुपये, और वर्ष 2013-14 में गुड़गांव के आईटी हब का कारोबार 31,200 करोड़ रुपये के स्तर पर है।

यह बढ़ता तो जरूर नजर आ रहा है मगर इसकी रफ्तार उतनी नहीं है जितनी कि उम्मीद की गई थी। पिछले क्वार्टर में आईटी एक्सपोर्ट में 16 प्रतिशत की गिरावट आई है।

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