गणतंत्र दिवस पर करनी थी वारदात, IS के 12 आतंकी रिमांड पर
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आतंकी संगठन आईएस से रिश्तों, उसके लिए लड़ाकों की भर्ती व उन्हें रुपये देने के आरोप में देशभर से गिरफ्तार बारह आतंकियों को पूछताछ के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रिमांड पर लिया है। एजेंसी का दावा है कि यह गणतंत्र दिवस के मौके पर आतंकी वारदात करना चाहते थे।
पटियाला हाउस अदालत के जिला न्यायाधीश अमरनाथ के समक्ष सोमवार को इन्हें पेश किया गया। अदालत ने बंद कमरे में सुनवाई के बाद बारह आतंकियों को ग्यारह दिन के रिमांड पर एनआईए को सौंप दिया।
एजेंसी का दावा है यह आतंकी इंटरनेट फोन सेवा स्काइप, सिग्नल व ट्रिलियन के जरिए आईएस के आकाओं के संपर्क में थे और सोशल नेटवर्किंग के जरिए युवाओं में आईएस का प्रचार करते थे।
आरोपी 22-23 जनवरी से एनआईए की हिरासत में हैं
जांच एजेंसी ने दो सप्ताह का रिमांड मांगा था। एनआईए ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें बंगलूरू निवासी मोहम्मद अब्दुल अहद, मोहम्मद अफजल, सुहेल अहमद, हैदराबाद निवासी मोहम्मद शरीफ मोइनुद्दीन खान व मोहम्मद ओबेदुल्लाह खान, मुंबई निवासी मुदब्बीर मुश्ताक शेख व मोहम्मद हुसैन खान, लखनऊ निवासी मोहम्मद अलीम, औरंगाबाद निवासी इमरान, तमिलनाडु निवासी आसिफ अली, सैयद मुजाहिद व कर्नाटका से नाजमुल हुडा शामिल हैं।
जांच एजेंसी के रिमांड की मांग पर आपत्ति दर्ज कराते हुए बारह में से दस आतंकियों की ओर से पेश हुए अधिवक्ता एमएस खान ने कहा कि यह केस केवल शक के आधार पर दर्ज किया गया है।
असल में किसी आतंकी वारदात को अंजाम नहीं दिया गया। यह आरोपी 22-23 जनवरी से एनआईए की हिरासत में हैं और इन्हें दोबारा रिमांड में भेजने की कोई जरूरत नहीं है।