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SC: ई-रिक्शा मामले पर केंद्र सरकार को नोटिस

Tue, 08 Jul 2014 12:39 PM IST
Updated Tue, 08 Jul 2014 12:39 PM IST
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Is motor vehicle law applicable to e-rickshaws: Supreme Court asks Centre

बैटरी से चलने वाले ई-रिक्शा से संबंधित विवाद के अपने चौखट पर पहुंचने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि इन पर मोटर वाहन कानून लागू होता है या नहीं।

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चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा, जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस रोहिंगटन नरीमन की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि केंद्र को यह बताना होगा कि क्या मोटर वाहन कानून और नियम ई-रिक्शा पर लागू होते हैं।
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पीठ ने बैटरी से चलने वाले ई-रिक्शा पर प्रतिबंध लगाने के लिए कोलकाता निवासी बिभाष करमाकर की जनहित याचिका पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा सभी राज्यों को नोटिस जारी किया है।

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इस याचिका पर दी गई नोटिस

Is motor vehicle law applicable to e-rickshaws: Supreme Court asks Centre

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि ई-रिक्शा बगैर किसी पंजीकरण के चल रहे हैं और दुर्घटना होने की स्थिति में उचित कानून के तहत मामले दर्ज नहीं किए जा रहे हैं।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि कुछ ई-रिक्शा विक्रेता जानबूझ कर केंद्रीय मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन कर 80 से 100 वाट की बैटरी से चलने वाले ई-रिक्शे देश में बेच रहे हैं जो नियमों के विपरीत है।

याचिका में कहा गया है कि नियमों के अनुसार 25 वाट से कम और 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले मोटर वाहनों को ही छूट प्राप्त है। लेकिन नियमों के तहत किसी परीक्षण के बगैर ही एक हार्सपावर से अधिक क्षमता वाले ई-रिक्शों की बिक्री हो रही है।

तो केंद्र सरकार बताएगी प्रतिबंध लगेगा या नहीं

Is motor vehicle law applicable to e-rickshaws: Supreme Court asks Centre

याचिकाकर्ता ने इस याचिका का निपटारा होने तक ई-रिक्शा प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया है। याचिका में कहा गया है कि इस तरह की बैटरी वाले गैरकानूनी ई-रिक्शा सुरक्षित नहीं हैं और ना ही पर्यावरण कानून के प्रावधानों के अनुरूप प्रमाणित हैं। याचिका में कहा गया है कि प्राधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं किया जाना पूरी तरह गैरकानूनी, मनमाना, विद्वेषपूर्ण और नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है।

याद रहे कि ई-रिक्शों पर प्रतिबंध लगाने के लिए पहले से ही एक याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है जिसमें राजधानी में गैरकानूनी तरीके से चल रहे ई-रिक्शों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के कारण और इस मसले की जिम्मेदारी टालने पर दिल्ली सरकार को आड़े हाथ लिया गया था।

हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि राजधानी में बैटरी से चलने वाले रिक्शों पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा और 650 वाट तक की मोटर क्षमता को मोटर विहीन वाहन माना जाएगा। जबकि इससे  पहले मंत्रालय ने 24 अप्रैल को एक अधिसूचना के जरिए इन ई-रिक्शा को गैरकानूनी घोषित कर दिया था।

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