कोर्ट में इरोम शर्मिला ने जाहिर की इच्छा, कहा पीएम से मिलना चाहती हूं
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अगर सरकार मणिपुर में लागू सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (एएफएसपीए) को हटा लेगी तो मैं अपना अनशन वापस ले लूंगी। यह बात मंगलवार को इरोम शर्मिला ने पटियाला हाउस कोर्ट में कही।
शर्मिला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने और इस मुद्दे पर चर्चा करने की भी इच्छा जाहिर की। महानगर दंडाधिकारी हरविंदर सिंह के समक्ष शर्मिला के खिलाफ अंतिम जिरह करते हुए अभियोजन ने कहा कि उसने खुदकुशी करने की कोशिश की थी और उसके खिलाफ यह मामला बनता है।
दिल्ली पुलिस ने इरोम शर्मिला को आमरण अनशन करने के मामले में जंतर मंतर से चार अक्तूबर 2006 को गिरफ्तार किया था। तब से शर्मिला पर खुदकुशी की कोशिश का मामला चल रहा है।
वह अनशन को हथियार के रूप में प्रयोग कर रही थी
कोर्ट ने चार मार्च 2013 को आरोप तय करते हुए मुकदमा चलाने का निर्देश दिया था। अदालत ने शर्मिला के वकील वीके ओहरी की दलीलें सुनने के लिए बुधवार की तारीख तय की है।
मामले की सुनवाई के दौरान शर्मिला ने कहा कि वह अनशन को हथियार के रूप में प्रयोग कर रही थी। यह बेहद प्रभावशाली है और यह अपराध नहीं है। महात्मा गांधी ने अपनी मांगें पूरी करवाने के लिए अनशन का सहारा लिया था।
यह मुकदमा लड़ते लड़ते मैं अब थक चुकी हूं। मामले की सुनवाई के दौरान शर्मिला ने कहा कि देश में लोकतंत्र का कोई मतलब नहीं है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को हाथ मिलाना चाहिए। यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार सामिति की जानकारी में आना चाहिए।