277 किलो के इराकी को भारत के डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी
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सोने के लिए भी मशीन का सहारा लेने वाले और मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए निरंतर दवा खाने वाले इराकी नागरिक को दिल्ली के डॉक्टरों ने नई जिंदगी दी।
इराक के 35 वर्षीय व्यक्ति, जिसका वजन 277 किलोग्राम था, उसकी गेस्ट्रेक्टॉमी बैरियॉट्रिक सर्जरी करके एक सप्ताह में वजन में 30 किलोग्राम की कमी ला दी।
नतीजा यह हुआ कि मरीज अब बिना मशीन के गहरी नींद ले रहा है और मधुमेह की दवा भी बंद हो गई है। डॉक्टरों ने उम्मीद जताई है कि मरीज के उच्च रक्तचाप की समस्या भी खत्म हो जाएगी।
दो घंटे में हुई सर्जरी
दिल्ली के बीएल कपूर सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल में इराक के 35 वर्षीय रफीक अपना इलाज कराने पहुंचा। रफीक का वजन 277 किलोग्राम था। इससे रफीक को टाइप टू मधुमेह था।
उच्च रक्तचाप के अलावा सोने के लिए सीपीएपी मशीन का सहारा लेना पड़ता था। इसके बावजूद रफीक का जीवन बहुत ज्यादा चुनौतीपूर्ण था। वह न तो सही तरीके से चल पाता था और न ही बैठ पाता था। इसके बाद वह इलाज के लिए दिल्ली के बीएल कपूर अस्पताल पहुंचा।
जांच के बाद अस्पताल के गेस्ट्रेक्टॉमी विशेषज्ञ डॉ. दीप गोयल ने बताया कि मरीज को इतनी अधिक चर्बी थी कि उसके लिए अस्पताल में मौजूद इंस्टूमेंट (टॉर्क) छोटे और कमजोर पड़ रहे थे। लिहाजा विशेष तौर पर इंस्टूमेंट तैयार कराए गए, लेकिन सर्जरी के दौरान वे भी टेढ़े हो जा रहे थे।
आमतौर पर गेस्ट्रेक्टॉमी बैरियॉट्रिक सर्जरी में 45 मिनट का समय लगता है, लेकिन इस मरीज की सर्जरी में दो घंटे का समय लगा।
उन्होंने बताया कि मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, लेकिन अगले छह से नौ माह में उसके वजन में 125 से 150 किलोग्राम तक की कमी आ सकती है और उसकी उच्च रक्तचाप की समस्या भी खत्म हो जाएगी।