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Delhi NCR News: एआई से बने फर्जी सर्टिफिकेट पर आईपीयू की सख्ती
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विवि ने दाखिला रद्द करने, फीस जब्त और कानूनी कार्रवाई की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया में फर्जी और एआई से तैयार किए गए सर्टिफिकेट अपलोड करने वाले छात्रों को सख्त चेतावनी दी है। विश्वविद्यालय ने कहा है कि दस्तावेजों की जांच के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें अंकतालिका और आरक्षण से जुड़े प्रमाणपत्र फर्जी, डिजिटल तरीके से बदले गए या एआई से तैयार किए गए हैं।
आईपीयू में अभी दाखिला प्रक्रिया जारी है, ऐसे में विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी छात्र केवल सक्षम अधिकारी द्वारा जारी असली और निर्धारित प्रारूप वाले दस्तावेज ही अपलोड करें। अगर कोई छात्र फर्जी, बदले हुए या एआई से तैयार दस्तावेज जमा करता है तो उसका दाखिला रद्द किया जा सकता है। साथ ही जमा की गई फीस भी जब्त की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। दरअसल विवि के संज्ञान में ऐसे मामले आए हैं जिनमें यूजी-पीजी दाखिले के लिए दस्तावेजों को एआई से तैयार किया गया और अंकतालिका में भी डिजिटल तरीके से बदलाव किया है।
इसके बाद विवि ने महत्वपूर्ण सूचना जारी करते हुए कहा कि छात्र अपने हित में दाखिले से जुड़ी हर नई जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट और ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल पर दिए जा रहे अपडेट देखें।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया में फर्जी और एआई से तैयार किए गए सर्टिफिकेट अपलोड करने वाले छात्रों को सख्त चेतावनी दी है। विश्वविद्यालय ने कहा है कि दस्तावेजों की जांच के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें अंकतालिका और आरक्षण से जुड़े प्रमाणपत्र फर्जी, डिजिटल तरीके से बदले गए या एआई से तैयार किए गए हैं।
आईपीयू में अभी दाखिला प्रक्रिया जारी है, ऐसे में विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी छात्र केवल सक्षम अधिकारी द्वारा जारी असली और निर्धारित प्रारूप वाले दस्तावेज ही अपलोड करें। अगर कोई छात्र फर्जी, बदले हुए या एआई से तैयार दस्तावेज जमा करता है तो उसका दाखिला रद्द किया जा सकता है। साथ ही जमा की गई फीस भी जब्त की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। दरअसल विवि के संज्ञान में ऐसे मामले आए हैं जिनमें यूजी-पीजी दाखिले के लिए दस्तावेजों को एआई से तैयार किया गया और अंकतालिका में भी डिजिटल तरीके से बदलाव किया है।
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इसके बाद विवि ने महत्वपूर्ण सूचना जारी करते हुए कहा कि छात्र अपने हित में दाखिले से जुड़ी हर नई जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट और ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल पर दिए जा रहे अपडेट देखें।
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