फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Inviting the accident many villages of Greater noida West buildings are being illegal construction

हादसे को न्योता दे रहीं हैं ग्रेनो वेस्ट के कई गांवों की इमारतें, किए जा रहे हैं अवैध निर्माण

Wed, 18 Jul 2018 09:44 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Wed, 18 Jul 2018 09:44 AM IST
विज्ञापन
Inviting the accident many villages of Greater noida West buildings are being illegal construction

शाहबेरी गांव के खेत पर काटी गई कॉलोनियों और इन पर खड़ी की गई बहुमंजिला इमारतें इकलौती नहीं हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ऐसे लगभग 8 गांवों की भूमि पर इसी तरह की अवैध इमारतें हादसों को न्योता दे रही हैं। बिना अनुमति के जब इस तरह की बिल्डिंग बनाई जाती है तो न तो उन्हें प्राधिकरण रोकता है और न ही प्रशासन कोई कार्रवाई करता है।  छले कुछ साल में ग्रेटर नोएडा वेस्ट का तेजी से विकास हुआ है।

विज्ञापन


इसका बड़ा कारण है कि यह क्षेत्र देश की राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के करीब स्थित है। यही कारण है कि यहां बड़े-बड़े बिल्डर बहुमंजिला सोसाइटी बनाने में जुटे हैं। वहीं दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा व ग्रेटर नोएडा में नौकरी व्यापार व कारोबार करने वाले लोग भी यहां रहना पसंद करते हैं। इसके चलते ग्रेटर नोएडा वेस्ट में लगातार भूमि की कीमत आसमान छू रही है और दिनोंदिन यहां की आबादी बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन


इसी का लाभ उठाने के लिए कुछ बिल्डर किसानों की भूमि खरीद कर कॉलोनी काटते हैं और यहां अवैध रूप से बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर देते हैं। इन बहुमंजिला इमारतों के लिए बिल्डर घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करते हैं। केवल शाहबेरी गांव ही नहीं हैबतपुर, एमनाबाद, बिसरख, पतवाड़ी आदि गांव की भूमि पर भी इसी तरह अवैध निर्माण किए जा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

कई बार कब्जे को लेकर हुए हैं बवाल

Inviting the accident many villages of Greater noida West buildings are being illegal construction
GREATER NOIDA BUILDING - फोटो : self

ग्रेनो वेस्ट में इसी तरह की भूमि पर बनाए गए अवैध मकान को लेकर कई बार विवाद और बवाल हो चुके हैं। दो माह पूर्व बिसरख कोतवाली क्षेत्र की ऐसी ही जमीन पर बने मकान में
रहने वाले लोगों के बीच झगड़ा हुआ था। फायरिंग भी हुई थी। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई की। झगड़े का वीडियो भी वायरल हुआ था।

चर्चा में रहा है शाहबेरी
शाहबेरी गांव सबसे ज्यादा चर्चा में रहा है। 2009-10 में सुप्रीम कोर्ट ने इसी गांव की जमीन का अधिग्रहण रद्द कर दिया था। प्राधिकरण ने जो जमीन अधिगृहीत की थी, उसको किसानों को वापस करना पड़ा था। प्राधिकरण जमीन को बिल्डरों को बेच चुका था, जिसकेकारण करीब 20 हजार फ्लैट फंस गए थे। प्राधिकरण ने किसानों को जो मुआवजा दिया था, वह भी फंस गया। प्राधिकरण दोबारा से गांव की जमीन अधिगृहीत नहीं कर सका।

जिन किसानों की जमीन थी, उन्होंने प्रॉपर्टी डीलरों को महंगी दर पर जमीन बेच दी। बताते हैं कि ज्यादातर किसान जमीन बेचकर गाजियाबाद चले गए। गांव में इसी कारण से अवैध निर्माण की झड़ी लग गई। गांव के आसपास बड़े-बड़े बिल्डरों के प्रोजेक्ट हैं। प्रॉपर्टी डीलरों ने भी गांव में छोटे-छोटे प्लाट खरीदकर उन पर फ्लैट बनाकर बेच डाले। सस्ते के चक्कर में लोग फंसते चले गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed