दिल्ली चुनाव: शीला दीक्षित से पूछे गए 4 सवाल
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दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने संबंधी बयान देकर विवादों में घिरीं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने एक बार फिर अपनी राय स्पष्ट की है। इस बार वह पूरी तरह कांग्रेस के साथ दिखी हैं।
अंग्रेजी अखबार मेल टुडे से बातचीत में शीला ने दिल्ली के वर्तमान राजनीतिक हालात पर अपना नजरिया पेश किया। एक ओर जहां शीला ने कांग्रेस की मजबूत वापसी का दम भरा तो भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देने की भी बात कही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करके चर्चा में आई शीला के बारे में यह कहा जा रहा था कि वह मोदी की मुरीद हो चुकी हैं। हालांकि इसके ठीक एक दिन बाद आए शीला के इंटरव्यू ने कुछ अलग ही कहानी बयां की है। पढ़िए शीला दीक्षित से पूछे गए चार सवालों के जवाब:
दिल्ली में उपचुनावों का असर क्या होगा?
उपचुनावों के असर के संबंध में शीला ने साफ शब्दों में कहा कि परिणाम चाहे जो हों लेकिन इससे पार्टी (कांग्रेस) का आत्मविश्वास बढ़गा।
शीला ने कहा, "कांग्रेस पूरी ताकत के साथ भाजपा का मुकाबला करेगी और पिछले चुनावों में मिली हार कार कड़ा जवाब भी देगी। अगर दिल्ली में दोबारा चुनाव होते हैं तो मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर होगा वह सबसे ज्यादा सीटें जीतने में कामयाब रहेगी।"
बता दें कि दिल्ली में 15 साल तक शासन करने वाली कांग्रेस सरकार में शीला दीक्षित लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रही हैं। पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को यहां करारी हार झेलनी पड़ी। शीला दीक्षित को आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हराया था।
चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति क्या है?
विधानसभा चुनाव होने की सूरत में कांग्रेस की रणनीति क्या होगी यह काफी अहम मुद्दा है। लगातार चुनाव हार रही कांग्रेस दिल्ली में पूरी तैयारी के साथ उतरना चाहेगी।
इस सवाल पर शीला दीक्षित ने कहा कि पार्टी पूरी तरह सकारात्मक विचारधारा के साथ चुनाव में उतरेगी। पिछले 15 साल तक राजधानी में कांग्रेस की सरकार रही है जिससे जनता को उनके काम और अच्छी सरकार होने का अंदाजा है।
सभी यह जानते हैं कि दिसम्बर 2013 के बाद से दिल्ली में विकास की रफ्तार थम गई है। जनता के हित में कोई भी सार्थक कदम नहीं उठाया गया है।
क्या दोबारा पार्टी की कमान संभालेंगी?
केरल के उपराज्यपाल पद से इस्तीफा देने के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि शीला दिल्ली की राजनीति में दोबारा वापसी कर सकती हैं। हालांकि इस बारे में शीला ने खुलकर कभी भी अपनी राय नही दी।
जब उनसे सवाल किया गया कि अगर पार्टी चाहे तो क्या वह दोबारा बागडोर अपने हाथ में लेंगी? इस पर शीला ने कहा, "मैं ऐसा नहीं चाहती हैं। मैं घर में रहना इंज्वॉय कर रही हूं और यही बेहतर है। हालांकि अगर पार्टी जोर देगी तो दोबारा वापसी भी कर सकती हूं।"
बता दें कि यह लगातार चर्चा होती रही है कि दिल्ली में अगर कांग्रेस को जीतना है तो शीला को वापस लाना ही होगा। इस बारे में कांग्रेस विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर शीला की वापसी की मांग भी की थी।
क्या भाजपा मिलेगा इसका फायदा होगा?
दिल्ली में सबसे ज्यादा दिनों तक शासन करने वाली महिला मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने इस सवाल के जवाब में कहा कि पुरुष या महिला होने का कोई असर नहीं पड़ता। राजनीति में सिर्फ इच्छा शक्ति देखी जाती है।
उन्होंने कहा कि नेता की क्षमता और इच्छा से ही उसका भविष्य तय होता है। अगर कोई अच्छा काम करेगा तो आगे बढ़गा और जनता उसे पसंद करेगी।
दरअसल, ऐसे संभावना है कि भाजपा दिल्ली के चुनावों में किसी महिला को पार्टी का चेहरा बनाकर उतार सकती है।